फ्रेट कॉरिडोर ने बदली परिवहन की रफ्तार- पीएम मोदी: 2 हजार किमी का काम हुआ पूरा, डबल कंटेनर ट्रेन ढोएगी 250 ट्रक माल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश के परिवहन क्षेत्र के बदलाव का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे दोनों की गति प्रभावित होती थी। अब अलग फ्रेट कॉरिडोर बनने से माल परिवहन तेज हुआ है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने 2014 के बाद इस परियोजना को गति दी और करीब दो हजार किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया।
मोदी ने कहा कि जेएनपीटी मुंबई से डबल कंटेनर मालगाड़ी चलाई गई। इससे एक ही बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर सामान मुंबई से वडोदरा पहुंचाया जा सका। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि इससे ट्रक कारोबार से जुड़े लोगों को चिंता हो सकती है, लेकिन देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक माल पहुंचाने की क्षमता बढ़ना जरूरी है। उनके मुताबिक अब रेल नेटवर्क उन इलाकों तक भी पहुंच रहा है, जहां पहले इसकी पहुंच नहीं थी। उन्होंने फ्रेट कॉरिडोर को तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा बताया।
2014 तक फाइलों में अटका प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की अवधारणा पर 2004 में काम शुरू हुआ था। 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक परियोजना आगे बढ़ने के बजाय फाइलों के इधर से उधर जाने तक सीमित रही। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद सरकार ने परियोजना को गति दी और करीब दो हजार किलोमीटर का काम पूरा कराया। मोदी ने इसे देश की कार्यसंस्कृति में आए बदलाव का उदाहरण बताया।
चिप से शिप तक निर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर
मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत मेट्रो कोच और रेल इंजन निर्माण के क्षेत्र में बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद देश में करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच तैयार किए गए। उन्होंने कहा कि भारत अब चिप से लेकर शिप तक अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ा रहा है और पुर्जों से लेकर तैयार उत्पाद तक देश में बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
एआई के लिए तकनीक के साथ कौशल जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को एआई की महाशक्ति बनाने के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा। इसके लिए यूरेनियम और दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और अपग्रेडेशन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब केवल डिग्री पर नहीं, बल्कि कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है।
नए रेल संपर्क से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मोदी ने कहा कि पहले बजट में एक-दो ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसे लेकर लंबे समय तक चर्चा चलती रहती थी। अब लगातार नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल सेवाओं से वडोदरा, उदयपुर और आलीराजपुर के लोगों को सुविधा मिलेगी। इस साल रेल बजट पौने तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। उनके मुताबिक पोर्ट, एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जैसी आधारभूत सुविधाएं तैयार होने के बाद रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।











