राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं-युवा बड़े सपने देखें: सफलता को समाज सेवा से जोड़ें, नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास से जुड़ रहे छत्तीसगढ़ के युवा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को रायपुर में सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में युवाओं से बड़े सपने देखने और सफलता को राष्ट्र सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में कुछ नया करने की ललक होनी चाहिए और नुआखाई जैसा पर्व हमारी जड़ों से जोड़ने का अवसर है।
राष्ट्रपति शुक्रवार को रायपुर में आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा किताबें पढ़ें, बड़े सपने देखें। अपने विचार ऊंचा रखें। अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने की ललक होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि नुआखाई मिलन केवल सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं, सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। यह पर्व कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का प्रतीक है।
अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं
अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और धरती की उदारता का प्रतीक है। युवाओं को संदेश देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सीखना कभी बंद न करें, प्रश्न पूछें, लक्ष्य तय करें और असफलता से निराश होने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ें। ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव जोड़ें। राष्ट्र निर्माण करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।
छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलाव पर जताई प्रसन्नता
उन्होंने छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलाव पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से युवा नक्सलवाद के भटकाव से मुक्त होकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। जहां कभी आतंक का अंधेरा था वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नुआखाई नई फसल के स्वागत और धरती माता के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं और ओड़िया समाज ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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