राजकोट में 'तलवार रास': राजपूत महिलाओं का दिखा शौर्य पराक्रम, जीप और बाइक चलाते हुए दोनों हाथों से हवा में लहराईं तलवारें
गुजरात के राजकोट स्थित राजवी पैलेस में नवरात्रि के पावन अवसर पर परंपरा, साहस और नारी शक्ति का एक अनोखा संगम देखने को मिला। राजकोट के शाही परिवार की ओर से आयोजित पारंपरिक 'तलवार रास' कार्यक्रम में क्षत्रिय राजपूत महिलाओं ने अपने हैरतअंगेज तलवारबाजी कौशल से सभी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण महिलाओं का आधुनिक और पारंपरिक कला का मिश्रण था। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी राजपूत महिलाओं ने सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि तेज रफ्तार जीप और बुलेट चलाते हुए भी दोनों हाथों से हवा में तलवारें लहराईं और अद्भुत संतुलन का प्रदर्शन किया। साहस के इस प्रदर्शन को देखकर वहां मौजूद दर्शक 'जय भवानी' के नारों से पूरे परिसर को गुंजाते रहे।
शस्त्र पूजा की ऐतिहासिक परंपरा की वापसी
शाही परिवार द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय उत्सव का मुख्य उद्देश्य राजपूत समुदाय की समृद्ध विरासत और वीरता को जीवित रखना है। कार्यक्रम के दौरान प्राचीन शस्त्र पूजा की परंपरा को भी विधि-विधान के साथ निभाया गया। इतिहास गवाह है कि राजपूत महिलाएं संकट के समय युद्ध के मैदान में उतरने से कभी पीछे नहीं हटीं, और यह आयोजन आज की पीढ़ी को उसी अटूट हौसले की याद दिलाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पराक्रम के वीडियो और रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग महिलाओं के इस जुझारू रूप, एकाग्रता और सांस्कृतिक गर्व की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस अनोखे रास ने गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
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