दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ की मांग को लेकर प्रदर्शन: सड़कों पर उतरे 3,000 से अधिक छात्र, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने किया समर्थन
राजधानी दिल्ली में एक नाबालिग युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद देश का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ की मांग को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस छात्र आंदोलन को कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपना पूरा समर्थन दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों और समाज की सोच पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उन पर ही पाबंदियां लगाने के रवैए की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए उन्हें ही दंडित करना बंद होना चाहिए। पूरे देश में महिलाएं सड़कों पर चलने से डर रही हैं, उन्हें शोषण और दुष्कर्म का डर सता रहा है और सरकार का जवाब है, 'आप घर पर रहिए!' उन्होंने आगे कहा कि यह एक 'पितृसत्तात्मक व्यवस्था' है, जो अपराधियों को बचाने और पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने का काम करती है। अब समय आ गया है कि इस व्यवस्था को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए।
'जेन जी' से राहुल गांधी की खास अपील
छात्रों के इस आंदोलन को और मजबूती देने के लिए राहुल गांधी ने देश की नई पीढ़ी यानी 'जेन जी' और युवाओं से विशेष अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि, देश की युवा युवतियां, विशेषकर 'जेन जी', सड़कों पर आएं और अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए बड़ी से बड़ी संख्या में इस आंदोलन का हिस्सा बनें। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार जनता के दर्द को लेकर बहरी हो चुकी है और यह सिर्फ तभी सुनती है जब इस पर चौतरफा दबाव बनाया जाए। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और वे इस लड़ाई में पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़े हैं।
राहुल गांधी के बयान ने लिया बड़ा राजनीतिक रूप
उत्तर दिल्ली के कैंपस में इस समय करीब 3,000 से अधिक छात्र भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मार्च निकाल रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में "एबॉर्ट पैट्रियार्की", "बस बहुत हो गया" और "बड़े-बड़े शहरों में ऐसी छोटी सोच नहीं चलेगी" जैसे कड़े संदेशों वाले पोस्टर और प्लेकार्ड्स दिखाई दे रहे हैं। छात्र दिल्ली की सड़कों पर बेहतर लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे और पुख्ता पुलिस पेट्रोलिंग की मांग कर रहे हैं। यह मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक भी पहुंच गया है, जहां कोर्ट ने दिल्ली सरकार और पुलिस से महिलाओं की सुरक्षा में हुई इस चूक को लेकर जवाबदेही तय करने को कहा है। वहीं, दूसरी तरफ राहुल गांधी के इस बयान के बाद महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को बदलने की मांग ने एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है।










