सिद्धार्थनगर में यूपीटीईटी सत्यापन में दस्तावेजों का खुला राज: ई-केवाईसी में सामने आई गड़बड़ी, अभ्यर्थी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

उत्तरप्रदेश|1 घंटा पहले
ई-केवाईसी में सामने आई गड़बड़ी, अभ्यर्थी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में एक अभ्यर्थी के अभिलेखों में गंभीर विसंगति सामने आने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। ई-केवाईसी के दौरान आधार कार्ड और परीक्षा संबंधी दस्तावेजों में नाम, पिता के नाम तथा जन्मतिथि अलग-अलग मिलने पर मामला दर्ज किया गया। अब पुलिस आधार कार्ड में किए गए संशोधन के उद्देश्य और उसके पीछे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रही है।

मामला शोहरतगढ़ स्थित शिवपति इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां प्रथम पाली में जूनियर स्तर की यूपीटीईटी परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ई-केवाईसी सत्यापन में अभ्यर्थी कुमारी आराधना के दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन के दौरान आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में दर्ज विवरण एक-दूसरे से मेल नहीं खाए, जिसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। जांच में पाया गया कि आधार कार्ड पर अभ्यर्थी का नाम अर्पिता वर्मा, पिता का नाम देवमणि वर्मा तथा जन्मतिथि पांच सितंबर 2000 दर्ज है। वहीं, टीईटी प्रवेश पत्र में नाम आराधना, पिता का नाम देवमणि पटेल और जन्मतिथि पांच सितंबर 1995 अंकित थी। अभ्यर्थी बस्ती जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव की निवासी बताई गई है।

प्रधानाचार्य की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

दस्तावेजों में स्पष्ट अंतर मिलने के बाद परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य विक्रम प्रसाद यादव की तहरीर पर शोहरतगढ़ पुलिस ने अभ्यर्थी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में अभ्यर्थी ने बताया कि उसने आधार कार्ड में अपने नाम का संशोधन कराया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह संशोधन किस उद्देश्य से कराया गया, इसकी जांच अभी जारी है।

जन्मतिथि में पांच साल का अंतर

जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यदि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड सहित सभी शैक्षणिक अभिलेखों में अभ्यर्थी का नाम आराधना दर्ज है और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर टीईटी के लिए आवेदन किया गया, तो आधार कार्ड में नाम बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसके साथ ही आधार कार्ड और परीक्षा अभिलेखों में जन्मतिथि के बीच पांच वर्ष का अंतर भी जांच का प्रमुख विषय बना हुआ है।

पिता से भी होगी पूछताछ

पुलिस ने अभ्यर्थी के पिता को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी के पिता पेशे से शिक्षक हैं। उनसे आधार कार्ड में कराए गए संशोधन के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेजों में यह अंतर सामान्य त्रुटि का परिणाम है या किसी अन्य उद्देश्य से संशोधन कराया गया था।

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