खान सर कोचिंग विवाद मामले में रौशन आनंद को जमानत: कोर्ट ने कहा- स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करें शिक्षक, आपराधिक गतिविधियों से रहें दूर

बिहार|5 घंटे पहले
कोर्ट ने कहा- स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करें शिक्षक, आपराधिक गतिविधियों से रहें दूर

खान सर कोचिंग सेंटर पर हुए पथराव और विवाद के मामले में गिरफ्तार ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 12 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद सोमवार को उन्हें राहत मिली। अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उन्हें किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहना चाहिए।

रौशन आनंद को तीन जून को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था। उनके अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने बताया कि अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के बावजूद रौशन आनंद की प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित नहीं होती है। अदालत ने मामले पर विचार करने के बाद उन्हें जमानत प्रदान कर दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि दोनों शिक्षा जगत से जुड़े हैं। उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से छात्रों का मार्गदर्शन करना चाहिए। कोर्ट की यह टिप्पणी पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्योंकि हाल के दिनों में दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद चर्चा का विषय बना हुआ था।

भाई की संदिग्ध मौत के बीच मिली राहत

रौशन आनंद को जमानत ऐसे समय मिली है जब उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में मौत हो गई। रविवार को होटल के कमरे से उनकी बॉडी बरामद की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनके शरीर, विशेषकर आंख के पास चोट के निशान पाए गए हैं। नेपाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि दो जून को हुए कोचिंग विवाद और पथराव मामले में दर्ज एफआईआर में प्रिंस यादव का नाम भी शामिल था। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार सहरसा में किया जाएगा। जिसमें रौशन आनंद के शामिल होने की संभावना है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

इस बीच प्रिंस यादव की मौत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी आरोप के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है। वहीं, खान सर ने वीडियो संदेश जारी कर प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रिंस उनके पुराने परिचित थे। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। खान सर ने यह भी कहा कि मीडिया और समाज को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल प्रिंस यादव की मौत के कारणों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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