नेपाल जेल से फरार 41 भारतीयों की तलाश तेज: आगजनी के बाद भागे थे कुल 546 कैदी, यूपी-बिहार पुलिस से तालमेल करेगी नेपाल पुलिस

नेपाल के नवलपरासी जिला कारागार से फरार हुए 41 भारतीय कैदियों की तलाश अब तेज कर दी गई है। फरार कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए नेपाल पुलिस ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। नवलपरासी जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामबहादुर जीसी जल्द ही उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करेंगे। इस दौरान फरार कैदियों की पहचान, संभावित ठिकानों और गिरफ्तारी की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। नवलपरासी कारागार प्रशासन का मानना है कि भारतीय कैदियों को वापस नेपाल लाना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
कारागार प्रमुख सुबोध महतो ने बताया कि सितंबर 2025 में हुए जेएनजी आंदोलन के दौरान नवलपरासी जेल में हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। इस दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। बंदियों ने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली थी। इस घटना में कुल 546 कैदी जेल से भाग निकले थे। जिनमें 41 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। बाद में नेपाल प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर 374 फरार कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अभी भी 172 कैदी फरार चल रहे हैं।
कई अपराधों में बंद थे कैदी
कारागार प्रशासन के अनुसार अधिकांश नेपाली कैदियों के भविष्य में नेपाल लौटने की संभावना रहती है। इसलिए उनके पकड़े जाने की उम्मीद बनी रहती है। हालांकि भारतीय कैदी अपने देश में रह रहे हैं। जिससे उनकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण प्रक्रिया जटिल हो जाती है। ये कैदी मादक पदार्थ तस्करी, चोरी, तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में जेल में बंद थे।
यूपी- बिहार में भेजी गई थी सूची
नेपाल पुलिस का कहना है कि पहले भी उत्तर प्रदेश के महराजगंज और बिहार के पश्चिम चंपारण जिलों की पुलिस को फरार कैदियों की सूची भेजी गई थी। लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। अब नए सिरे से सूचना जुटाकर और अंतरदेशीय समन्वय को मजबूत बनाकर फरार भारतीय कैदियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।
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