ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले: कुवैत में US बेस पर पलटवार का दावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव मंगलवार को भी कम नहीं हुआ। अमेरिका ने लगातार 10वीं रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हवाई हमले किए। वहीं, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाने का दावा किया। इसी बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी। हालांकि बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की खबरों से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों में सीरिक, बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप, चाबहार और कोनारक सहित दक्षिणी इलाकों में कई विस्फोट हुए। दूसरी ओर, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने कुवैत स्थित कैंप अरिफजान में तैनात अमेरिकी HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हूतियों ने सऊदी जहाजों को दी चेतावनी
यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को सऊदी अरब के जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान किया। विद्रोहियों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरने वाले सभी सऊदी जहाज उनके निशाने पर रहेंगे। लाल सागर का यह प्रवेश द्वार वैश्विक समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है और दुनिया के लगभग 10 प्रतिशत व्यापारिक जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं।
मध्यस्थता की उम्मीद से नरम पड़ा तेल बाजार
सैन्य गतिविधियों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों की खबरों का असर इंटरनेशनल ऑयल मार्केट पर दिखाई दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रेंट क्रूड 35 सेंट यानी 0.4 प्रतिशत गिरकर 88.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग स्थिर रहकर 82.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा। बाजार को उम्मीद है कि कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम हो सकता है।
ड्रोन हमले और रक्षा प्रणाली तबाह करने का दावा
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने कामिकाजे ड्रोन से कुवैत के कैंप अरिफजान, कैंप अल-अदीरी और अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर हमला किया। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर अमेरिकी अर्ली वॉर्निंग रडार, मिसाइल डिफेंस रडार, FPS-117 रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के लिमाह तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इसके बाद चालक दल को जहाज छोड़कर लाइफबोट के जरिए सुरक्षित निकलना पड़ा।
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