गोरखपुर में हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मासूम की मौत: बचाने के लिए दौड़ा आठ वर्षीय बच्चा झूलसा, सामने आई बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही

राप्तीनगर फेज-4 के भाऊराव देवरस कॉलोनी इलाके में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क पर गिरे हाई टेंशन तार की चपेट में आने से एक 11 वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने आया दूसरा बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह खतरनाक तार पिछले दो दिनों से सड़क पर टूटा पड़ा था, जिसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद न तो बिजली आपूर्ति काटी गई और न ही तार को वहां से हटाया गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे, 11 वर्षीय हेमराज यादव साइकिल से अपनी मां से मिलने जा रहा था। इसी दौरान वह सड़क पर गिरे हाई टेंशन तार की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी तड़पकर मौत हो गई। हेमराज को तड़पता देख जब पास ही मौजूद एक आठ वर्षीय बच्चा उसे बचाने दौड़ा, तो वह भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिजली विभाग के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
मासूम की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय नागरिकों और परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित भीड़ ने राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र को चारों तरफ से घेर लिया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनता के गुस्से को देखकर उपकेंद्र के बाहर मौजूद कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए, जबकि कुछ अंदर ही फंसे रहे। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर भी लोगों ने दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर भारी हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख एसडीएम सदर, सीओ गोरखनाथ रविकुमार सिंह और शाहपुर, गुलरिहा व चिलुआताल थाने की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
बिजली विभाग के एक्सईएन अभिषेक कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जांच टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी कर्मचारी या अधिकारी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।










