पाक-बांग्लादेश में फ्यूल संकट: पाकिस्तान में 389 लीटर पहुंचा पेट्रोल, बांग्लादेश में 17% तक हुआ महंगा

पाकिस्तान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि अगर देश में ईंधन की कमी होती है तो पेट्रोल की कीमत 1000 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। फिलहाल पाकिस्तान में पेट्रोल 389 रुपए और डीजल 424 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर पाकिस्तान के घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। 28 फरवरी को जंग शुरू होने के समय पाकिस्तान में पेट्रोल 258.17 रुपए प्रति लीटर था। तब से कीमत 131 रुपए बढ़ चुकी है, यानी करीब 51 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
ईंधन की महंगाई से राहत देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने बाइक, रिक्शा और 800 सीसी तक की कारों के लिए सब्सिडी स्कीम शुरू की है। इसके तहत पेट्रोल पर 100 रुपए प्रति लीटर तक की सब्सिडी दी जा रही है। पात्र लोगों को हर महीने चार टोकन मिलेंगे और प्रत्येक टोकन पर 500 रुपए की सब्सिडी मिलेगी। इस स्कीम में 1 जनवरी 2006 से रजिस्टर्ड मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। सरकार के अनुसार, 17.5 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। करीब 15 लाख टोकन जारी हुए हैं, जबकि 6.80 लाख से ज्यादा टोकन इस्तेमाल किए जा चुके हैं।
अक्टूबर तक घरेलू तेल मिलने की उम्मीद
पाकिस्तान सरकार घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए नए भंडार तलाश रही है। पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक, तेल के कुओं पर काम शुरू हो चुका है और अक्टूबर तक कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। तेल और गैस एक्सप्लोरेशन के लिए कंपनियों को नए ब्लॉक भी दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य आयात पर निर्भरता और विदेशी मुद्रा खर्च को कम करना है। अगर नए कुओं से कमर्शियल स्तर पर उत्पादन शुरू होता है तो पाकिस्तान अपनी जरूरत का कुछ हिस्सा घरेलू स्तर पर पूरा कर सकेगा।
बांग्लादेश में भी बढ़ी कीमत
बांग्लादेश ने 21 सितंबर से पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कीमतों में 17.4 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। डीजल 115 से बढ़कर 135 टका, ऑक्टेन 145 से 165 टका, पेट्रोल 140 से 160 टका और केरोसिन 135 से 155 टका प्रति लीटर हो गया है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, मार्च 2026 से इंटरनेशनल फ्यूल प्राइस दोगुने से ज्यादा बढ़ चुके हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत का असर सरकारी तेल कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन पर भी पड़ा है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ने का असर आम लोगों और कारोबार पर पड़ सकता है।










