हूती ने रियाद पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल: सऊदी सेना ने किया नाकाम, यनबू समेत 4 जगह निशाने पर

सऊदी अरब ने पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से राजधानी रियाद को निशाना बनाने की कोशिश की। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद रियाद को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश बताई गई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। रियाद के कुछ लोगों ने विस्फोट की आवाज सुनी, जबकि बाद में हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार भी देखा गया। हालांकि, किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं है।
गठबंधन के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यनबू में असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी कोशिश की। यहीं सऊदी अरब की एक प्रमुख पाइपलाइन समाप्त होती है। इसके अलावा ताइफ, बैश और फरसान में भी हमले के प्रयास किए गए, जिन्हें नाकाम कर दिया गया। गठबंधन ने इन घटनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले बिना सबूत दिए दावा किया था कि उन्होंने रियाद के ‘संवेदनशील ठिकानों’ और यनबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको के प्रतिष्ठानों पर हमला किया। संगठन ने इन हमलों से ‘भीषण आग’ लगने का दावा किया था। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
हूती प्रवक्ता ने क्रूज मिसाइल और ड्रोन हमलों का किया दावा
हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने कहा कि संगठन ने क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ ड्रोन से भी हमले किए। उन्होंने बिना विस्तृत जानकारी दिए आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने यमन के विद्रोहियों के कब्जे वाले सना शहर को निशाना बनाने की कोशिश की। एसोसिएटेड प्रेस इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। सऊदी अरब के असैन्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को पहली बार इन हमलों में किसी आम नागरिक की मौत की जानकारी दी थी। विभाग के मुताबिक, हूती ड्रोन को रोकने के बाद उसका मलबा गिरने से सऊदी अरब में रह रहे यमन के एक नागरिक की मौत हुई।
मक्का को निशाना बनाने के आरोप से हूतियों ने किया इनकार
सऊदी अरब ने बुधवार को दावा किया था कि हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे बीच में रोक दिया गया। हूती विद्रोहियों ने इस आरोप को सख्ती से खारिज किया था। सऊदी अरब के करीबी सहयोगी अमेरिका ने संकेत दिया है कि फिलहाल हूती विद्रोहियों के साथ उसका कोई संघर्ष नहीं है।
सऊदी अरब ने दूसरे देशों से मांगा सहयोग
क्षेत्रीय अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि सऊदी अरब के पास मिसाइल रोधी अवरोधकों की संख्या घट रही है। इसके चलते उसने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सहयोग मांगा है। इस बीच यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई तेज हो गई है।
जहाजों पर बढ़ गई निगरानी
हूती विद्रोही एक सप्ताह से अधिक समय पहले यमन के लाल सागर तट पर तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने अहम बंदरगाह शहर मोखा और लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के द्वीपों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर उनकी निगरानी बढ़ गई है। हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे केवल सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बना रहे हैं। यमन में जारी यह संघर्ष चार साल की अपेक्षाकृत शांति के बाद विनाशकारी गृहयुद्ध की वापसी का संकेत माना जा रहा है।










