भर्ती घोटाले पर सीएम योगी का तीखा हमला: बोले- पहले बिना आवेदन होती थी नियुक्ति, योग्य अभ्यर्थियों को किया गया बाहर

लखनऊ|13 घंटे पहले
बोले- पहले बिना आवेदन होती थी नियुक्ति, योग्य अभ्यर्थियों को किया गया बाहर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पिछली सरकारों के कार्यकाल में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए। लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2017 से पहले ऐसे लोगों को भी पुलिस में नियुक्ति पत्र दे दिया जाता था, जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया था। उन्होंने परीक्षा की शुचिता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी पूर्ववर्ती सरकारों पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस भर्ती को लेकर परीक्षा देने और नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति को लेकर सवाल उठते थे। उनके मुताबिक, उस दौर में पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला, जिन्होंने आवेदन नहीं किया था, जबकि योग्य उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार थी।

बोले- पहले बिना आवेदन होती थी नियुक्ति, योग्य अभ्यर्थियों को किया गया बाहर

पिछली सरकारों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

सीएम ने कहा कि 2017 के बाद पेपर लीक और भर्ती से जुड़े अवैध कारोबार पर कार्रवाई के लिए कानून बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इसमें आजीवन कारावास और पूरी संपत्ति जब्त करने तक के प्रावधान हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भर्ती में कथित अनियमितता, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

छह महीने में एक लाख नौकरी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार नियुक्तियां कर रही है। उनके मुताबिक, शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और 22 सितंबर को भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होगा। उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही। साथ ही प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती आयोजन करने का लक्ष्य बताया।

बोले- पहले बिना आवेदन होती थी नियुक्ति, योग्य अभ्यर्थियों को किया गया बाहर

50 हजार तक पहुंच जाएगी महिला पुलिसकर्मियों की संख्या

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में एक साथ छह हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता भी नहीं थी, लेकिन अब यह क्षमता विकसित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं, जबकि अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है। उनके अनुसार, वर्ष के अंत तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।

सुरेश खन्ना ने भी पिछली भर्तियों पर सवाल उठाए

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी 2017 से पहले की भर्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रियाएं विवाद और संदेह के घेरे में रहती थीं और अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे। खन्ना ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में नियुक्तियां योग्यता और क्षमता के आधार पर की जा रही हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।