गोरखपुर में ट्रेन पर पत्थरबाजी करने वाले 5 युवक अरेस्ट: पथराव से एक महिला यात्री घायल, नशे में धुत होकर फेंके गए थे पत्थर

जिले में चलती ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थरबाजी करने के मामले में आरपीएफ ने पांच युवकों को पकड़ा है। घटना अंडरपास के आगे कुशम्ही इलाके में हुई। ट्रेन नंबर 15027 के गार्ड ने VHF सेट के जरिए आरपीएफ को सूचना दी थी कि कुछ युवक रेलवे ट्रैक के पास खड़े होकर गुजरती ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे हैं। पत्थर लगने से एक महिला यात्री के घायल होने की भी जानकारी गार्ड ने दी। सूचना मिलते ही गोरखपुर छावनी आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
गार्ड से मिले इनपुट के आधार पर आरपीएफ और अपराध आसूचना शाखा की टीम ने कुशम्ही में बताए गए स्थान पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम मौके पर पहुंची तो वहां पांच युवक मौजूद मिले। पुलिसकर्मियों को देखते ही युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की। जवानों ने पीछा कर पांचों को पकड़ लिया। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई और घटनास्थल का सत्यापन भी किया गया। आरपीएफ ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटाया। पूछताछ में युवकों ने गुजरती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में नशे की हालत में वारदात की बात
आरपीएफ के मुताबिक, पत्थरबाजी की वजह पूछने पर युवकों ने बताया कि उन्होंने शराब या किसी अन्य नशे का सेवन किया था। इसी दौरान उन्होंने ट्रैक से गुजर रही ट्रेनों पर पत्थर फेंके। मामले में ट्रेन नंबर 12565 और 15027 के गार्ड की ओर से उपलब्ध कराई गई FIR को भी अभिलेखीय साक्ष्य के तौर पर लिया गया है। आरपीएफ ने घटनास्थल और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
आरपीएफ ने आरोपियों को क्षेत्रीय पुलिस को सौंपा
पकड़े गए युवकों में विकास कुमार, शंकर कुमार, धीरज कुमार, शिव कुमार और राजन शामिल हैं। विकास, शंकर और धीरज नंदानगर FCI क्रासिंग क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। शिव कुमार कुशीनगर के बेलवनिया का निवासी है और फिलहाल नंदानगर में किराए के मकान में रह रहा था। राजन भी कुशीनगर जिले का रहने वाला बताया गया है। आरपीएफ ने पांचों युवकों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्राधिकार की टीम को सौंप दिया। अब देवरिया आरपीएफ और रेलवे पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी।










