गोरखपुर में मेयर ने की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के नतीजों पर हुई चर्चा, अक्टूबर तक पूरे होंगे लंबित काम

गोरखपुर नगर निगम की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। महापौर कार्यालय में हुई बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक जलकल, सहायक नगर आयुक्त समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के साथ जल संरक्षण के लिए भी समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम को मिले अंकों और उसकी स्थिति की समीक्षा की गई। अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों से इसकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से जुड़े ऐसे मुद्दे, जिन पर शासन के सामने नगर निगम का पक्ष रखना जरूरी है, उन्हें प्रभावी तरीके से रखा जाए। इसके लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नगर निगम की ओर से पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
मेयर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
नगर निगम की ओर से चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की भी प्रगति देखी गई। सीएनडीएस के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद महापौर ने सभी लंबित परियोजनाएं अक्टूबर तक पूरी कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। काम की नियमित मॉनिटरिंग के साथ मौके पर जाकर प्रगति की जांच करने को भी कहा गया।
निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं
महापौर ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के साथ निर्माण की गुणवत्ता भी प्राथमिकता में रहे। अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर कमियां मिलने पर तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पूरी हो चुकी परियोजनाओं के लोकार्पण की तैयारियां भी पहले से पूरी रखने को कहा, ताकि इन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के माध्यम से लोकार्पित कराया जा सके।
वर्षा जल संरक्षण को लेकर बनेगी कार्ययोजना
बैठक में जल संचय और वर्षा जल संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। महापौर ने महाप्रबंधक जलकल और संबंधित अधिकारियों से बारिश के पानी को अधिक से अधिक सुरक्षित रखने के इंतजाम समय से पूरा कराने को कहा। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम क्षेत्र में लोगों को वर्षा जल संचयन और पानी बचाने के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।











