ईरानी राष्ट्रपति ने ट्रंप के आरोपो का दिया जवाब: कहा- हम खुद आतंकवाद के पीड़ित है, युद्ध में मारे गये लोगों की दिखाई तस्वीरे

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मंच से अमेरिकी हमलों में मारे गए 168 स्कूली बच्चों और नागरिकों की तस्वीरें दुनिया के सामने दिखाईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए आतंकवाद के आरोपों का जवाब देते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा, "हम खुद आतंकवाद के पीड़ित हैं।
अपने भाषण में पेजेश्कियान ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और युद्ध के शुरुआती दिनों में मारे गए 150 से अधिक स्कूली बच्चों की तस्वीरें दिखाईं। महासभा में पेजेश्कियान ने कहा कि हमने केवल अपना बचाव किया है। हम आतंकवादी नहीं हैं। हमारे निर्दोष लोगों को हमारे देश पर किए गए कायरतापूर्ण हमलों का निशाना बनाया गया। हमने पूरी ताकत के साथ अपना बचाव किया। अमेरिका और इजराइल ने हम पर हमला किया।
सत्र छोड़ बाहर निकले अमेरिकी प्रतिनिधि
ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से मृत बच्चों और मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता की तस्वीरें दिखानी शुरू कीं, महासभा में मौजूद अमेरिकी प्रतिनिधि सत्र छोड़कर बाहर चले गए। राष्ट्रपति ने ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए अमेरिकी व इजरायली हवाई हमले का प्रमुखता से जिक्र किया, जिसमें 150 से अधिक छात्राओं की मौत हो गई थी। पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक ठिकानों जैसे स्कूल और अस्पतालों को निशाना बनाया है। उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी दबाव के आगे सरेंडर नहीं करेगा, हालांकि वे बातचीत और कूटनीति के लिए हमेशा तैयार हैं।
ट्रंप ने कहा था, बैठक में ईरानी अधिकारी शीर्ष स्तर के नहीं थे
कुछ घंटों बाद ट्रंप ने संवाददाताओं को बताया कि उनके मुख्य दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने वार्षिक बैठक के दौरान ईरानी अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे तक वार्ता की। लेकिन उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी कि उस दौरान क्या चर्चा हुई। ट्रंप ने कहा कि यह बहुत अच्छी बैठक थी। बाद में कहा कि ईरानी अधिकारी शीर्ष स्तर के नहीं थे। साथ ही विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि न्यूयॉर्क में ठहरने के दौरान पेजेश्कियान से मिलने के लिए ट्रंप तैयार हैं। वहीं तेहरान ने 22 सितंबर को हुई इस अनियोजित बैठक को तवज्जो नहीं दी। यह जून में हुए युद्धविराम के टूटने के बाद अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच पहली अप्रत्यक्ष वार्ता थी।
ईरान पर बर्बर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
पेजेश्कियान के भाषण में बताया गया कि एक साल से अधिक समय से जारी बातचीत के बावजूद दोनों पुराने प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका भाषण ऐसे समय आया जब ईरान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में रुक-रुक कर हमले जारी रहे और वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर से कम रही। उन्होंने कहा कि जून में उनके देश पर बर्बर हमला हुआ और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया गया।










