अमेरिकी हमले में चाबहार टावर क्षतिग्रस्त: एक हफ्ते में तीसरा बड़ा हमला, भारतीय निवेश वाले पोर्ट पर बढ़ी चिंता

50 मिनट पहले
एक हफ्ते में तीसरा बड़ा हमला, भारतीय निवेश वाले पोर्ट पर बढ़ी चिंता

अमेरिका ने ईरान पर लगातार छठी रात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस दौरान भारत के रणनीतिक निवेश वाले चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। जहां कंट्रोल टावर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसकी तस्वीर साझा की है। वहीं, रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने भी पोर्ट पर हमले की पुष्टि की है। यह एक सप्ताह के भीतर चाबहार पर तीसरा हमला बताया जा रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर समन्वित कार्रवाई की गई। हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसी अभियान के दौरान चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को भी नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने हमले की पुष्टि की है। हालांकि कंट्रोल टावर को हुए नुकसान पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

भारत के लिए अहम है चाबहार पोर्ट

चाबहार पोर्ट भारत की क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत ने इसके विकास में निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड कर रही है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है। ऐसे में इस बंदरगाह पर हमला रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान के आरोपों पर अमेरिका का जवाब

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पर लगे वित्तीय लाभ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दोनों राष्ट्रपति की भरोसेमंद टीम का हिस्सा हैं और यह कहना कि उन्होंने गोपनीय वार्ता की जानकारी का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया, पूरी तरह निराधार है। दरअसल, ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका-ईरान वार्ता की गोपनीय जानकारी के आधार पर शेयर बाजार में हेरफेर कर करीब 86 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया। ईरान ने इस कथित रकम का आधा हिस्सा लौटाने की मांग भी की है और दावा किया है कि वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत सार्वजनिक करेगा। ट्रम्प प्रशासन ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।

कुवैत में ड्रोन हमले का भी दावा

ईरानी सेना ने दावा किया है कि 'थंडर ऑपरेशन' के 12वें चरण के तहत कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य सपोर्ट सेंटरों पर ड्रोन हमले किए गए हैं। सेना ने इस कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया है। हालांकि इस दावे पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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