एनकाउंटर पर सीएम सम्राट चौधरी का विपक्ष पर पलटवार: पुलिसकर्मियों से बोले- ड्यूटी कीजिए, परिवार की जिम्मेदारी सरकार की

बिहार में बढ़ते एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को सड़क हादसों में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को बीमा राशि के चेक वितरित करने के दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया। कहा कि बिहार में सुशासन बनाए रखने के लिए मजबूत और संसाधनयुक्त पुलिस व्यवस्था बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा एनकाउंटर को जातिगत रंग देने पर कटाक्ष किया। कहा कि कुछ लोग हर मुद्दे में जाति खोजने लगते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “अगर किसी को इतनी चिंता है तो पुलिस जाति पूछकर ही गोली चलाए।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
सीएम ने कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान दिन-रात परिवार से दूर रहकर समाज की सुरक्षा करते हैं। सरकार उनकी हर चिंता को अपनी जिम्मेदारी मानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पुलिसकर्मियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने इस योजना पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान दिया था। सरकार ने साफ कर दिया कि जरूरत पड़ने पर 200 करोड़ रुपये भी खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के हितों पर कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य की 40 पुलिस लाइनों में आधुनिक स्कूल खोले जाएंगे, जहां पुलिसकर्मियों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव लाने का लक्ष्य रखा गया है।
तेजस्वी यादव के आरोपों पर दिया जवाब
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार में हो रहे एनकाउंटर को जातिगत आधार से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। तेजस्वी ने दावा किया था कि राज्य में जाति देखकर कार्रवाई की जा रही है और महिला अपराधों में भी सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही। इसी बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर “कॉमन सेंस की राजनीति” करने का आरोप लगाया। हालांकि, राजनीतिक कटुता के बीच विधान परिषद में एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव एक ही मंच पर मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आए। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती, EOU की स्पेशल सेल गठित
इधर, बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों पर भी बड़ा कदम उठाया है। विभाग में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष सेल गठित की गई है। यह टीम दाखिल-खारिज, भूमि मापी, परिमार्जन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं में हो रही अनियमितताओं की जांच करेगी। विभागीय मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार जनता को पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ और श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने दिन में आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित बाढ़ और सूखे की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविर, दवाइयों, स्वच्छता और फसल नुकसान के आकलन की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी श्रावणी मेले को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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