निशांत कुमार की तीन मई से बिहार यात्रा: पश्चिमी चंपारण से शुरुआत, जदयू ने 2030 तक 200 सीटों का रखा टारगेट

बिहार की राजनीति में नई हलचल दिख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने तीन मई से बिहार यात्रा पर निकलने का ऐलान किया है। मंगलवार को जदयू ऑफिस में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह घोषणा की। उन्होंने साफ कहा कि इस यात्रा का मकसद जनता के बीच जाना है। संगठन को मजबूत करना है। जमीनी फीडबैक लेना है। निशांत ने बताया कि इस यात्रा में संजय कुमार झा समेत पार्टी के कई कार्यकर्ता साथ रहेंगे। यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से होगी। इसे राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। इससे पार्टी में नए नेतृत्व की झलक दिख रही है।
निशांत कुमार की यात्रा को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा तेज है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि अभी वे जिलाध्यक्षों से मुलाकात कर रहे हैं। संगठन को समझ रहे हैं। आगे उनकी यात्रा और बड़ी होगी। पार्टी तय करेगी कि उनकी भूमिका क्या होगी। इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि जदयू भविष्य की रणनीति तैयार कर रही है। युवा चेहरे को आगे लाने की कोशिश हो रही है।
श्रवण कुमार बने विधायक दल के नेता
इधर पार्टी में संगठनात्मक बदलाव भी हुआ है। नालंदा से विधायक श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। यह फैसला नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद लिया गया। विधानसभा की ओर से इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह पद खाली था। इसी वजह से यह चुनाव जरूरी था। बताया जा रहा है कि विधायकों ने पहले ही श्रवण कुमार के नाम पर सहमति बना ली थी। बाद में पार्टी नेतृत्व ने इसे मंजूरी दी।
सुरक्षा बढ़ी
सरकार ने हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा भी बढ़ाई है। उन्हें वाई+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। यह फैसला उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका को देखते हुए लिया गया है। इससे साफ है कि पार्टी उन्हें आगे बड़ी जिम्मेदारी देने के मूड में है।
2030 तक 200 सीटों का लक्ष्य
रविवार को सीएम हाउस में जदयू विधायकों की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता नीतीश कुमार ने की। करीब 90 मिनट तक चली मीटिंग में बड़ा लक्ष्य तय किया गया। पार्टी ने 2030 तक 200 सीटें जीतने का टारगेट रखा है। नीतीश कुमार ने विधायकों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे। सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। जनता से जुड़े रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी काम पहले की तरह ही होगा।
बैठक में पास हुए तीन प्रस्ताव
इस बैठक में तीन अहम प्रस्ताव भी पास किए गए। पहला प्रस्ताव दो डिप्टी सीएम बनाए जाने का था। इसमें विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव का स्वागत किया गया। दूसरा प्रस्ताव विधायक दल के नेता के चुनाव को लेकर था। इसमें नीतीश कुमार को अधिकृत किया गया। तीसरा प्रस्ताव उनके 20 साल के कार्यकाल की सराहना से जुड़ा था। इसमें उनके कामों के लिए बधाई दी गई।
‘नेक्स्ट सीएम’ पोस्टर से बढ़ी सियासत
बैठक से पहले पटना में लगे पोस्टरों ने सियासत गरमा दी। इन पोस्टरों में निशांत कुमार को ‘नेक्स्ट सीएम’ बताया गया। ‘नीतीश जी का मिशन अधूरा, निशांत जी करेंगे पूरा’ जैसे नारे लगाए गए। जदयू विधायक महेश्वर हजारी ने भी कहा कि अब पार्टी निशांत के हिसाब से चल सकती है। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें भी पसंद करेगी। कुल मिलाकर जदयू में बदलाव के संकेत साफ दिख रहे हैं। एक तरफ संगठन मजबूत करने की कोशिश है। दूसरी तरफ नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति नजर आ रही है।
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