फायरिंग मामले में खान सर ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका: मंगलवार को होगी सुनवाई, गार्ड्स की बेल पर फैसला सुरक्षित

पटना|08 जून 2026
मंगलवार को होगी सुनवाई, गार्ड्स की बेल पर फैसला सुरक्षित

चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर ने फायरिंग मामले में पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। वहीं, घटना में अरेस्ट किए गए दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नया मोड़ ले लिया है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष की ओर से जमानत का कड़ा विरोध किया गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता ने दावा किया कि फायरिंग भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि जानबूझकर कराई गई थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों सुरक्षा कर्मियों की केस डायरी और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी तलब की है।

फायरिंग को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

यह मामला दो जून की रात खान सर की कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसक घटना से जुड़ा है। घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्ड्स को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। पुलिस की प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि फायरिंग से पहले कथित तौर पर खान सर ने सुरक्षा कर्मियों को कार्रवाई करने के लिए कहा था। इसी आधार पर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। दूसरी ओर खान सर का कहना है कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। उनका दावा है कि कोचिंग परिसर के बाहर हिंसक स्थिति बन गई थी। सुरक्षा कर्मियों ने किसी को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगा। इसलिए सुरक्षा कर्मियों ने हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

फायर सेफ्टी मानकों पर भी उठे सवाल

इसी बीच खान ग्लोबल स्टडीज की फायर सेफ्टी व्यवस्था भी जांच के घेरे में आ गई है। बिहार फायर सर्विस ने संस्थान में सुरक्षा मानकों की कमियां पाए जाने की पुष्टि की है। विभाग ने पहले ही नोटिस जारी किया था। अब दोबारा निरीक्षण के बाद आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा तक मानकों का पालन नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। कोर्ट के आगामी फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस मामले का असर न केवल संबंधित पक्षों पर बल्कि कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी पड़ सकता है।

नव्य जागरण

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