मगरमच्छ से भिड़ गया मजदूर: हथौड़े से सिर पर किए कई वार, एक मिनट तक चला संघर्ष

घाघरा नदी के किनारे काम कर रहे एक मजदूर पर मगरमच्छ के जानलेवा हमले का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नदी से निकले मगरमच्छ ने मजदूर के पैर को अपने शक्तिशाली जबड़ों में जकड़ लिया और उसे पानी की ओर खींचने लगा। करीब एक मिनट तक चले इस संघर्ष के दौरान मजदूर ने हिम्मत नहीं हारी, जबकि उसके साथियों ने भी साहस का परिचय देते हुए उसे बचाने की कोशिश जारी रखी। आखिरकार एक मजदूर ने हथौड़े से मगरमच्छ के सिर पर वार किया। इसके बाद उसने घायल को छोड़ दिया और नदी में वापस लौट गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना तरबगंज थाना क्षेत्र के सोनौली मोहम्मदपुर गांव के पास भिखारीपुर-सकरौर तटबंध पर हुई। यहां घाघरा नदी के किनारे बोल्डर और पर्क्यूपाइन लगाने का कार्य चल रहा है। इसमें करीब 50 मजदूर लगे हुए हैं। इसी दौरान 40 वर्षीय भानु उर्फ भोलू नदी के नजदीक काम कर रहे थे, तभी अचानक पानी से निकले मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया।
पैर में आईं गंभीर चोटें
जानकारी के मुताबिक, मगरमच्छ ने भानु के बाएं पैर को पकड़ लिया और उन्हें नदी की ओर घसीटने लगा। वीडियो में भी देखा जा सकता है कि घायल मजदूर खुद को बचाने का प्रयास कर रहा है, जबकि उसका एक साथी उसका हाथ पकड़कर बाहर खींच रहा है। भानु की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य मजदूर भी मौके पर पहुंच गए और बचाव में जुट गए। स्थिति गंभीर होती देख एक मजदूर ने साहस दिखाते हुए हथौड़े से मगरमच्छ के सिर पर कई वार किए। इसके बाद मगरमच्छ ने अपना जबड़ा ढीला कर दिया और घायल को छोड़कर नदी में वापस चला गया। हालांकि इस दौरान भानु के पैर में गंभीर चोटें आईं। मगरमच्छ उसके पैर का कुछ हिस्सा भी नोच ले गया।
मेडिकल कॉलेज में हुआ इलाज
घटना के तुरंत बाद साथी मजदूरों ने घायल भानु को गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया गया। चिकित्सकीय इलाज के बाद देर रात उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। भानु ने बताया कि वह पहले भी कई बार घाघरा नदी के किनारे और पानी में जानवरों को नहलाने का काम कर चुके हैं। लेकिन इस तरह के हमले का सामना पहली बार करना पड़ा।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
घटना के बाद तटबंध पर काम कर रहे अन्य मजदूरों में भय का माहौल है। कई मजदूर अब नदी के किनारे काम करने से डर रहे हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साथियों की तत्परता और सूझबूझ के कारण बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों और तटों के करीब पहुंच रहे हैं। इसलिए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
20 मई को भी हुआ था हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र पहले भी मगरमच्छों के हमलों को लेकर चर्चा में रहा है। 20 मई को सोनौली मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के उदयभान पाही गांव के पास अपनी सास के अंतिम संस्कार में आए दीपक वर्मा पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। इसमें उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा वर्तमान घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर निश्चित पुरवा क्षेत्र में भी एक मजदूर मगरमच्छ के हमले का शिकार हो चुका है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और मजदूरों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम और मगरमच्छों की निगरानी के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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