गोंडा में पुलिस चौकी में युवक की पिटाई: सिपाही ने बरसाई लाठियां, जांच के आदेश जारी

कौड़िया बाजार थाना क्षेत्र स्थित दुबहा पुलिस चौकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो में चौकी परिसर के अंदर दो युवकों की कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में एक होमगार्ड युवकों के हाथ पकड़कर खड़ा दिखाई दे रहा है। जबकि एक सिपाही उन पर लाठी बरसाता नजर आ रहा है। मामला सामने आने के बाद सीनियर अधिकारियों ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह 22 मई का है। वीडियो में पहले एक युवक को होमगार्ड द्वारा पकड़कर खड़ा किया जाता है। इसके बाद एक सिपाही उस पर डंडे से प्रहार करता दिखाई देता है। इसके बाद दूसरे युवक के साथ भी इसी प्रकार की कार्रवाई होती नजर आती है। वीडियो में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मारपीट के मुकदमे के बाद चौकी लाए गए थे युवक
जानकारी के अनुसार, 22 मई को चैनापुर गांव निवासी संजय कुमार ने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ अपने और अपनी पत्नी के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। शिकायत के आधार पर कौड़िया थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस दुबहा चौकी लेकर आई। चौकी पहुंचने पर आरोपित पक्ष के लोगों ने भी अपने साथ मारपीट किए जाने की शिकायत की और अपनी बात रखने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कुछ युवकों की पिटाई कर दी। वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम को इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में पीड़ित पक्ष के एक युवक अरविंद ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके भाइयों को पुलिस चौकी लाकर पीटा गया। उनका कहना है कि वे भी मारपीट की घटना के पीड़ित थे। लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने लाठी से मारपीट की और बाद में शांति भंग की कार्रवाई की। इसेक बाद उनका चालान कर दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद थी। लेकिन उल्टा उनके साथ ही सख्ती की गई।
पुलिस ने जांच का दिया भरोसा
मामले को लेकर कौड़िया थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के दायरे से बाहर जाकर मारपीट करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कराई जा रही है। यदि किसी पुलिसकर्मी या अन्य कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है। सीनियर अफसर रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। घटना ने पुलिस कार्यशैली और मानवाधिकारों के पालन को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
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