गोंडा जंक्शन-कचहरी थर्ड लाइन तैयार: 71 किमी की रफ्तार से सफल ट्रायल, निरीक्षण के बाद हुआ स्पीड टेस्ट

पूर्वोत्तर रेलवे ने गोंडा जंक्शन और गोंडा कचहरी के बीच तैयार की गई नई थर्ड लाइन पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूर्वोत्तर रेलवे परिमंडल प्रणजीव सक्सेना की विशेष ट्रेन ने इस रेलखंड पर 71 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल स्पीड ट्रायल पूरा किया। निरीक्षण के बाद इसी रफ्तार को इस लाइन के लिए अधिकतम स्वीकृत गति निर्धारित किया गया है। अब इस रेलखंड पर ट्रेनें अधिकतम 71 किमी प्रति घंटे की गति से संचालित होंगी।
स्पीड ट्रायल से पहले सीआरएस ने गोंडा जंक्शन-गोंडा कचहरी के 4.89 किलोमीटर लंबे रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मोटर ट्रॉली से पूरी लाइन का परीक्षण किया और ट्रैक की गुणवत्ता का जायजा लिया। सभी तकनीकी मानकों से संतुष्ट होने के बाद विशेष ट्रेन चलाकर गति परीक्षण किया गया।
ट्रायल के चलते प्रभावित रहा रेल संचालन
थर्ड लाइन के निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के दौरान पूरे दिन रेल संचालन प्रभावित रहा। आठ और नौ जुलाई को गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस निरस्त रही। वहीं, 10 जुलाई को यह करीब दो घंटे की देरी से चली। दिल्ली, पंजाब और मुंबई रूट की कई ट्रेनें भी विलंबित रहीं। गोरखधाम एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख ट्रेनें लगभग छह-छह घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि शनिवार से ट्रेनों का संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि पहले 11 जुलाई तक निरस्त की गई 15082 गोमतीनगर-गोरखपुर एक्सप्रेस और 15103 गोरखपुर-बनारस एक्सप्रेस का संचालन बहाल कर दिया गया है। दोनों ट्रेनें अब पूर्व निर्धारित समय के अनुसार चलेंगी।
ट्रैक विस्तार से बढ़ेगी क्षमता
पूर्वोत्तर रेलवे में डबल और थर्ड लाइन का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गोरखपुर मार्ग से बाराबंकी से छपरा तक 425 किलोमीटर रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना पर काम चल रहा है। सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। कुसम्ही से डोमिनगढ़ तक थर्ड लाइन पर ट्रेनें संचालित हो रही हैं। वहीं, गोंडा-बुढ़वल-बाराबंकी खंड पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण जारी है। इससे ट्रैक क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में मांग के अनुरूप अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









