तिरंगे में लिपटकर आया जवान का पार्थिव शरीर: प्रमोशन ट्रेनिंग के बीच थम गई सांस, नम आंखों से बेटे ने दी मुखाग्नि

सीआरपीएफ के हवलदार श्याम बिहारी पांडेय का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो उठा। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। सीआरपीएफ जवानों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी और गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
परसपुर थाना क्षेत्र के नरायनपुर जयसिंह ग्राम पंचायत के बभनन पुरवा निवासी 46 वर्षीय श्याम बिहारी पांडेय सीआरपीएफ की 79वीं बटालियन में श्रीनगर में तैनात थे। इन दिनों वह पदोन्नति से जुड़ी पांच दिवसीय ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के नीमच गए थे। गुरुवार सुबह नाश्ता करने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब नौ बजकर 25 मिनट पर उनकी परिवार से आखिरी बार बातचीत हुई थी।
हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
पोस्टमॉर्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर विमान से लखनऊ लाया गया। वहां से सीआरपीएफ की 93वीं बटालियन के वाहन से उन्हें पैतृक गांव पहुंचाया गया। पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के पुत्र देवेश प्रताप सिंह चंदन भंभुआ चौराहे से पार्थिव शरीर के साथ घर तक पहुंचे। गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी सुनीता, माता कृष्णा देवी, दोनों बेटे अविनाश और आयुष तथा बेटी प्रियंका सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार सरयू नदी के पंचवटी शुद्धवीर घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन, अयोध्या के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए तीन राउंड फायर कर श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़े बेटे अविनाश ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो उठीं।
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