ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद मरीज की मौत: बिना अनुमति सर्जरी का आरोप, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

गोंडा के एक निजी अस्पताल में हाइड्रोसील ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद 65 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने बिना सहमति ऑपरेशन करने और तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर के मरीज को देखने नहीं आने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित गायत्री अस्पताल में डीएम कार्यालय में कार्यरत चपरासी रवि प्रकाश ने अपने पिता पीतांबर प्रसाद को इलाज के लिए भर्ती कराया था। जांच के बाद डॉक्टर मनोज मिश्रा ने हाइड्रोसील के ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, मरीज को आयुष्मान कार्ड के तहत ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था।
ऑपरेशन के अगले दिन बिगड़ी तबीयत
रवि प्रकाश का आरोप है कि 25 जून की शाम करीब सात बजे उनके पिता को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया और बिना किसी लिखित अनुमति या हस्ताक्षर के सर्जरी कर दी गई। परिवार का कहना है कि ऑपरेशन से पहले उनसे कोई सहमति नहीं ली गई। ऑपरेशन के अगले दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे मरीज की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर मनोज मिश्रा को कई बार बुलाया गया। लेकिन वह केबिन से बाहर नहीं आए। इसी दौरान पीतांबर प्रसाद की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
हंगामे की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों को जांच एवं उचित कार्रवाई का भरोसा देकर स्थिति को नियंत्रित किया। रवि प्रकाश ने बताया कि उनके पिता का ऑपरेशन गुरुवार शाम हुआ था और शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन बिना अनुमति किया गया और गंभीर हालत में भी डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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