फर्जी अफसर बन महिला को ठगा: आईजीआरएस अधिकारी बताकर जीता भरोसा, जमीन कब्जा हटाने के नाम पर ऐंठे रुपये

जमीन विवाद का समाधान कराने का झांसा देकर खुद को सरकारी कर्मचारी बताने वाले एक शातिर जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने आईजीआरएस से जुड़े अधिकारी होने का दावा करते हुए महिला का भरोसा जीता। फिर कब्जे वाली जमीन खाली कराने के नाम पर पहले आठ हजार रुपये वसूल लिए। बाद में 20 हजार रुपये की और मांग की। लेकिन रिश्तेदारों को शक होने पर पूरा मामला खुल गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
सिंघड़िया नई कॉलोनी निवासी इन्द्रावती देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सेमरा देवी प्रसाद क्षेत्र स्थित उनकी जमीन की करीब दो फीट ऊंची बाउंड्री पर रविंद्र यादव नामक व्यक्ति ने कब्जा कर निर्माण करा लिया था। इस संबंध में उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के कुछ समय बाद विनय प्रताप गहलोत नामक व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को सरकारी कर्मचारी और आईजीआरएस से संबद्ध अधिकारी बताया। उसने भरोसा दिलाया कि वह प्रशासनिक कार्रवाई कराकर अवैध कब्जा हटवा देगा।
डर का माहौल बनाकर ऐंठे रुपये
आरोप है कि आरोपी ने महिला को 23 जून की सुबह करीब तीन बजे रानीडीहा चौराहे पर अकेले बुलाया। वहां उसने कार्रवाई का दबाव और डर का माहौल बनाते हुए आठ हजार रुपये ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उसने बुलडोजर चलवाकर कब्जा हटाने का भरोसा देते हुए 20 हजार रुपये और मांगे। महिला ने रुपये की व्यवस्था के लिए अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया।
आरोपी को भेजा जेल
25 जून को आरोपी रुपये लेने के लिए महिला के बच्चों और रिश्तेदार के बच्चे के साथ जंगल अयोध्या प्रसाद स्थित अखंड प्रताप सिंह के घर पहुंचा। पूछताछ के दौरान उसने खुद को तहसील कर्मचारी बताया। लेकिन रिश्तेदारों को उसकी बातों पर संदेह हो गया। सत्यापन कराने पर उसके सरकारी कर्मचारी होने का दावा झूठा निकला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और डायल-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में उसकी पहचान देवरिया जिले के लार क्षेत्र के बिरनी कजे निवासी विनय प्रताप गहलोत के रूप में हुई, जो वर्तमान में रानीडीहा स्थित गौतम बुद्ध आदर्श इंटर कॉलेज के पास रह रहा था। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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