ऑनलाइन कमाई के झांसे में 5.37 लाख की ठगी: व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ संपर्क, अलग-अलग खातों से ट्रांसफर की रकम

गोरखपुर|1 घंटा पहले
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ संपर्क, अलग-अलग खातों से ट्रांसफर की रकम

घर बैठे मोटी कमाई का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने शहर के एक युवक से 5.37 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पहले युवक को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा। फिर टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क कर ऑनलाइन रेटिंग और ट्रेडिंग टास्क के जरिए निवेश पर दोगुना मुनाफा देने का लालच दिया। कई महीनों तक झूठे आश्वासन देने के बाद जब कोई रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। मामले में साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

चिलुआताल थाना क्षेत्र के झूंगिया बाजार स्थित मानबेला फर्टिलाइजर रोड निवासी सत्यम प्रजापति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 16 अप्रैल 2025 को उन्हें अचानक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप से जुड़े एक व्यक्ति ने खुद को 'ईशा' बताते हुए संपर्क किया और दावा किया कि वह डेंट्सू वेबचटनी प्राइवेट लिमिटेड में सीनियर कर्मचारी है। उसने बताया कि कंपनी चुनिंदा लोगों को ऑनलाइन कमाई का अवसर देती है और हजारों लोग इससे लाभ कमा चुके हैं।

दोगुना मुनाफे का लालच देकर कराया निवेश

आरोपी ने सत्यम को जल्द निवेश करने का दबाव बनाते हुए कहा कि सीमित लोगों को ही यह अवसर दिया जा रहा है। उसने रेटिंग और ट्रेडिंग टास्क के जरिए निवेश करने पर कुछ ही समय में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया। बातों में आकर सत्यम ने सबसे पहले अपने एचडीएफसी बैंक खाते से तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में पांच लाख रुपये तक निवेश करने पर अधिक लाभ मिलने का झांसा देकर दोबारा रकम मांगी गई।

परिवार के खातों से भी भेजी गई रकम

लाभ की उम्मीद में सत्यम ने 16 और 17 अप्रैल के दौरान अपने एसबीआई खाते से 1.39 लाख रुपये, पिता के खाते से 48 हजार रुपये तथा बहन के खाते से 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 5 लाख 37 हजार रुपये अलग-अलग माध्यमों से जालसाजों के खातों में भेज दिए गए।

लाभ नहीं मिला तो खुली ठगी की पोल

कुछ महीने बीतने के बाद भी जब न तो कोई लाभ मिला और न ही रकम वापस हुई, तब सत्यम को संदेह हुआ। उन्होंने कई बार आरोपी से संपर्क किया तो हर बार जल्द भुगतान का आश्वासन मिलता रहा। आखिरकार जब पीड़ित ने अपनी पूरी रकम लौटाने की मांग की तो आरोपी का मोबाइल बंद हो गया। अन्य नंबरों से संपर्क करने की कोशिश भी नाकाम रही। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

साइबर क्राइम थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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