कमिश्नर ने परखा विकास कार्य: तीन बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की, निर्माण कार्यों में तेजी के दिए निर्देश

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने शहर में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता में कमी पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कमिश्नर ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास, राजकीय महिला शरणालय के नवीन भवन तथा राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) एवं किशोर न्याय बोर्ड भवन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा 47.38 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में इस परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग सात प्रतिशत है।
आठ करोड़ की लागत से कराया जा रहा निर्माण
वहीं, राजकीय महिला शरणालय के नए भवन का निर्माण यूपीआरएनएसएस-1 द्वारा 8.05 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान इस परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 80 प्रतिशत पाई गई। इसके अलावा सीएंडडीएस यूनिट-14 द्वारा 14.87 करोड़ रुपये की लागत से 100 क्षमता वाले राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) एवं किशोर न्याय बोर्ड भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी भौतिक प्रगति 63 प्रतिशत दर्ज की गई।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हों, ताकि इनका लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए।
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