सोनम वांगचुक ने खत्म किया अपना अनशन: पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी, कैबिनेट बैठक में आज नए विधेयक पर चर्चा

नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा संकेत दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए नए कानून का ऐलान किया। इसके कुछ ही देर बाद 27 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
रात करीब 12 बजे जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से नया विधेयक ला रही है। प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान भी शामिल होगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में विधेयक पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार इसे जल्द से जल्द संसद से पारित कराने का प्रयास करेगी।
सरकार के भरोसे के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन
प्रधानमंत्री की घोषणा के करीब 40 मिनट बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिन पुराना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। साथ ही देश में संभावित हिंसा की आशंका और लंबी बातचीत के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
कानून में सख्त दंड का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए पांच से दस वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया जा सकता है। जमानत के नियम भी कड़े किए जाएंगे। यदि किसी कोचिंग संस्थान या शिक्षक की संलिप्तता सामने आती है तो संस्थान बंद करने और सजा दोगुनी करने का प्रावधान हो सकता है। वहीं, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े किसी दोषी को आजीवन परीक्षा प्रणाली से बाहर किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।
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