भुवनेश्वर बनेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र: एचसीएल निवेश करेगी 730 करोड़ रुपये, छह हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

देश के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। देश की प्रमुख आईटी कंपनी एचसीएल टेक ने यहां करीब 730 करोड़ रुपये के निवेश से अपना पहला कंपनी-स्वामित्व वाला एआई आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने का फैसला किया है। इस परियोजना से लगभग छह हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए कंपनी ने ओडिशा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे राज्य स्तरीय सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी (एसएलएसडब्ल्यूसीए) की मंजूरी भी मिल चुकी है।
जानकारी के अनुसार, यह आधुनिक परिसर भुवनेश्वर के इंफो वैली-2 क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक एआई कंप्यूटिंग सुविधाओं से लैस डेटा सेंटर के साथ एक ग्लोबल डेवलपमेंट सेंटर (जीडीसी) भी स्थापित होगा। इसके माध्यम से कंपनी वैश्विक ग्राहकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंजीनियरिंग और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा भी मौजूद रहीं।
डेटा सेंटर विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा
एचसीएल टेक अब तक डेटा सेंटर प्रबंधन और क्लाउड सेवाएं प्रदान करती रही है, लेकिन भारत में उसका अपना डेटा सेंटर नहीं था। ऐसे में भुवनेश्वर की यह परियोजना कंपनी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कंपनी ने हाल ही में डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार के लिए 3,500 करोड़ रुपये निवेश करने और 50 मेगावाट क्षमता तक का नेटवर्क विकसित करने की योजना घोषित की है। यह कदम एआई आधारित सेवाओं की बढ़ती वैश्विक मांग को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।
डिजिटल हब के रूप में मजबूत होगी भुवनेश्वर की पहचान
एचसीएल टेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. विजयकुमार के अनुसार वर्ष 2030 तक दुनिया में डेटा सेंटरों की मांग लगभग तीन गुना बढ़ने का अनुमान है। वहीं, भारत में इसकी रफ्तार और तेज रहने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस निवेश से ओडिशा में आईटी क्षेत्र को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। भुवनेश्वर में पहले से एनआईसी डेटा सेंटर और ओडिशा स्टेट डेटा सेंटर संचालित हैं। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक का डेटा सेंटर भी अंतिम चरण में है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









