राम मंदिर चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं CCTV में कैद: 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट, जेल में 8 आरोपी

अयोध्या|1 घंटा पहले
25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट, जेल में 8 आरोपी

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जांच के दौरान घटनाओं की संख्या 70 से बढ़कर 105 सामने आई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में चढ़ावा चोरी की सभी 105 घटनाएं CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हुई हैं। SIT ने फुटेज, गवाहों के बयान और दूसरे सबूतों की पड़ताल के आधार पर आरोपियों की पहचान की है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।

इस मामले में 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 27 अप्रैल से पांच जून के बीच CCTV में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए आठ आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते दिखाई दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी SIT का गठन किया गया। दूसरी टीम ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की दोबारा जांच की, जिसमें घटनाओं की संख्या 105 सामने आई।

कीमती सामान SBI लॉकर में

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं। इसके बाद सामान SBI के लॉकर में रखा जाता है। SIT की जांच लगभग पूरी होने की जानकारी कोर्ट को दी गई। अदालत ने मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने SIT की रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे देने से इनकार कर दिया। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती। जरूरत पड़ने पर कोर्ट आगे की जांच को लेकर आदेश जारी कर सकता है।

डिफॉल्ट बेल पर नजर

वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के मुताबिक, जिन मामलों में कानून के तहत 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी होता है, वहां तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इस मामले में 22 सितंबर को 90 दिन की अवधि पूरी हो रही है। ऐसे में 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की SIT की समय-सीमा अहम हो गई है।

जुलाई में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला

चढ़ावा चोरी की जांच को लेकर जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाएं दाखिल की गई थीं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं में RJD सांसद सुधाकर सिंह, वकील एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।

सभी आरोपी फैजाबाद जेल में बंद

रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति छिपाने या उसके इस्तेमाल में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी फैजाबाद जेल में बंद हैं।

पुलिस ने जोड़ी कड़िया

पुलिस के मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी की गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से पांच लाख रुपए की रिकवरी हुई थी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।