राम मंदिर में दान व्यवस्था होगी पारदर्शी: वेबसाइट पर दिखेगा पूरा विवरण, रसीदें भी होंगी ऑनलाइन

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वित्तीय पारदर्शिता को और मजबूत करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक के बाद दान की राशि, रसीद और आय-व्यय का विस्तृत विवरण एक नई वेबसाइट पर नियमित रूप से सार्वजनिक करने की योजना पर निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक, भविष्य में दान से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह के विवाद की संभावना कम हो। यह कदम चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की जवाबदेही और वित्तीय व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में माना जा रहा है।
पूछताछ जारी
चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी और स्थानीय पुलिस अलग-अलग स्तर पर कर रही हैं। अब तक इस मामले में आठ आरोपितों को अरेस्ट कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव से पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं। इनसे जांच की दिशा प्रभावित हो सकती है। हालांकि आरोपितों के बयानों की सत्यता का सत्यापन अभी किया जा रहा है।
आवास पर भी पहुंची पुलिस टीम
पूछताछ के दौरान पुलिस रमाशंकर मिश्र को उसके अयोध्याधाम स्थित मीरापुर डेराबीबी मोहल्ले के आवास पर भी लेकर गई। वहां परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। रुपये और आभूषण मिलने की चर्चा जरूर है। लेकिन पुलिस ने किसी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
छह जून को सामने आया था मामला
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला छह जून को उजागर हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कराई। दान की गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी। इसी प्रकरण में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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