गाजियाबाद में 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर: 30 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप साबित, थाना प्रभारी पर भी गिरी गाज

जिले में फ्लैट बुकिंग के नाम पर करीब 30.56 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर में उचित धाराएं नहीं लगाने पर पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही और मनमाने तरीके से हल्की धाराएं लगाए जाने की पुष्टि होने पर नंदग्राम थाने के आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही थाना प्रभारी को हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है। विभाग ने कई थानों में नए प्रभार भी सौंपे हैं।
पुलिस के अनुसार, एएसआर सेंट्रल ऐवेन्यू प्रोजेक्ट के बिल्डर संदीप कुमार गुप्ता, राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के बिल्डर वरुण मक्कड़ समेत अन्य के खिलाफ 40 निवेशकों से 30.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस नंदग्राम थाने में दर्ज हुआ था। निवेशकों ने आरोप लगाया था कि मामले में गंभीर अपराध होने के बावजूद एफआईआर में हल्की धाराएं लगाई गईं। जांच में शिकायत सही मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
हटाए गए कई पुलिसकर्मी
कार्रवाई के तहत हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार, रोहित कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर स्वाति, सिपाही गौरव चौधरी, विकास कुमार, संदीप यादव, मनोज चौधरी और आयुष महामुनि को लाइन हाजिर किया गया है। नंदग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया गया। वहीं, उनकी जगह आगरा से आए संतोष कुमार त्रिपाठी को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। इसके अलावा भोजपुर थाना प्रभारी प्रताप सिंह बालियान के गैर जनपद तबादले के बाद साइबर क्राइम थाने में तैनात गिरीराज सिंह किशोर को भोजपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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