गाजियाबाद में मासूम का मिला शव: गैंगरेप के बाद आरोपियों ने किया मर्डर, पुलिस ने दो को दबोचा

नंदग्राम इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन मॉल के परिसर में रहने वाले बिहार के मूल निवासी मजदूर परिवार की सात वर्षीय मासूम बच्ची को अगवा कर गैंगरेप के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हुई इस बच्ची का रक्तरंजित और अर्धनग्न शव मॉल के बेसमेंट से बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और डीसीपी सिटी धवल जायसवाल समेत तमाम सीनियर अधिकारियों ने फॉरेंसिक तथा डॉग स्क्वॉयड की टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का केस दर्ज कर दो आरोपी को हिरासत में ले लिया है। जिन्होंने प्रारंभिक पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
काफी खोजबीन के बाद भी सात साल की मासूम का कहीं पता नहीं चला, तो बदहवास परिजन नंदग्राम थाने पहुंचे और पुलिस को अपनी बच्ची के लापता होने की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन मॉल और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। एक कैमरे की फुटेज में तीन संदिग्ध युवक मासूम बच्ची को जबरन अपने साथ निर्माणाधीन बिल्डिंग के अंधेरे बेसमेंट की तरफ ले जाते हुए साफ दिखाई दिए। इस पुख्ता सुराग के आधार पर जब पुलिस टीम ने डायल-112 की मदद से बेसमेंट में सघन तलाशी अभियान चलाया, तो वहां का मंजर देखकर सबके रोंगटे खड़े हो गए। मासूम का शव बिना कपड़ों के बेहद वीभत्स हालत में पड़ा हुआ था। उसका सिर किसी भारी वस्तु से कुचला गया था और गले पर भी गला घोंटने के गहरे निशान थे।
नशे की हालत में दिया वारदात को अंजाम
वारदात की शिकार हुई मृतका की मां ने बताया कि उनकी सात वर्षीय बेटी शाम से अचानक गायब थी। जब उसकी लाश मिली तो उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। इससे साफ है कि आरोपियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं। इस संबंध में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि परिजनों की लिखित तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण और मर्डर की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। वहीं, उनका तीसरा साथी फिलहाल फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिसिया पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि वे पास की ही एक दूसरी इमारत में मजदूरी करते हैं और घटना के वक्त वे शराब के अत्यधिक नशे में धुत थे। इसके बाद उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









