नाबालिग से तीन महीने तक रेप: गर्भवती होने पर विधायक के हस्तक्षेप से FIR दर्ज, एनकाउंटर में आरोपी के पैर में लगी गोली

गाजियाबाद|19 घंटे पहले
गर्भवती होने पर विधायक के हस्तक्षेप से FIR दर्ज, एनकाउंटर में आरोपी के पैर में लगी गोली

लोनी बॉर्डर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 28 वर्षीय विवाहित पड़ोसी ने पड़ोस की ही एक 12 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह सिलसिला पिछले तीन महीनों से लगातार चल रहा था। जिसका खुलासा तब हुआ जब अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजनों ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवाया। डॉक्टर ने बच्ची के तीन महीने के गर्भवती होने की पुष्टि की। इस खबर को सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। स्थानीय पुलिस ने शुरू में केस दर्ज करने के बजाय टालमटोल की नीति अपनाई। जिसके बाद क्षेत्रीय भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर को आधी रात को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। उनके कड़े हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सोमवार तड़के एक मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी को पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया।

रविवार को परिजन ने पूछताछ की तो उसने पूरी आपबीती सुनाई। परिजन बच्ची को लेकर तुरंत लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। पुलिस ने बिना बच्ची का प्रारंभिक मेडिकल टेस्ट कराए ही परिवार को महज आश्वासन देकर वापस भेज दिया। पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए स्थानीय इलाके का एक रसूखदार ठेकेदार फौरन सक्रिय हो गया। उसने पीड़ित परिवार के घर जाकर उन पर इस जघन्य अपराध को दबाने के लिए एक लाख रुपये की घूस की पेशकश की। मामले को रफा-दफा करने का भारी मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरे हुए और असहाय परिजनों ने इस अनैतिक समझौते और धमकी को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद देर रात इस पूरे घटनाक्रम की भनक क्षेत्रीय विधायक नंद किशोर गुर्जर को लगी। जिन्होंने बिना समय गंवाए रात करीब 11 बजे पीड़ित परिवार के साथ सीधे थाने जाकर पुलिस प्रशासन को अपराधियों को संरक्षण न देने की कड़ी चेतावनी दी।

आधी रात के बाद एक्शन

विधायक के कड़े तेवरों और आक्रोश को भांपते हुए लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने आनन-फानन में पॉक्सो एक्ट और रेप की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया। सोमवार तड़के करीब तीन बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जब बाइक से भागने की फिराक में लगे मुख्य आरोपी सिराज (28) को घेरने का प्रयास किया, तो उसने खुद को कानून के शिकंजे में फंसता देख पुलिस टीम पर अवैध असलहे से फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली सीधे आरोपी सिराज के पैर में लगी। जिससे वह लहूलुहान होकर मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस की कड़ी निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस इस मामले में ठेकेदार की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है। ताकि न्याय की प्रक्रिया को बाधित करने वाले हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

नव्य जागरण

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