कानपुर में बीमारी के असहनीय दर्द ने लील ली निक्की की जिंदगी: सुसाइड नोट में लिखा अब और नहीं लड़ सकती, पतिदेव मुझे माफ कर देना

सुरेंद्र नगर निवासी निक्की ने अपनी रीढ़ की हड्डी में गंभीर गांठ के कारण उठने वाले असहनीय दर्द से हार मानकर अपना जीवन समाप्त कर लिया। निक्की लंबे समय से अपनी बीमारी से परेशान थी और किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थी। भोपाल से सरप्राइज देने घर पहुंचे पति को निक्की बेहोश हालत में पड़ी मिली। सुसाइड नोट में बीमारी के कारण होने वाली शारीरिक जकड़न और भविष्य की लाचारी को अपनी मौत को जिम्मेदार ठहराया हैं।
मौत से पहले निक्की के तीन पन्नों का सुसाइड नोट जिसने भी पढ़ा उनकी आत्मा दहल गई। दिल्ली पुलिस में चयन का सपना संजोने वाली 26 वर्षीय वैष्णवी उर्फ निक्की ने बीमारी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। उसकी हर एक बात दर्द से भी ज्यादा दर्द दे रही थी। सुसाइड नोट में कहीं पति से माफी, मां-बाप की चिंता तो कहीं भाई की शादी की फिक्र और हर लिखे शब्दों में असहनीय दर्द की टीस साफ झलक रही थी।
असहनीय दर्द में मुस्कुराती रही निक्की
वैष्णवी ने लिखा कि उनका भी सपना था एक सामान्य और खुशहाल जीवन जीने का, लेकिन रीढ़ की हड्डी में गांठ के दर्द ने उनके सारे सपने छीन लिए। दर्द और जकड़न के बावजूद वह हमेशा मुस्कुराती रही, ताकि परिवार उनकी वजह से परेशान न हो।
हिम्मत के आगे जीत गया दर्द
मगर जब हर सांस के साथ उठने वाला दर्द उनकी हिम्मत के आगे जीत गया तो उसने जान दे दी। सुरेंद्र नगर निवासी शिवम शुक्ला रेलवे ग्रुप डी में भोपाल में तैनात हैं। शिवम ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में कानपुर देहात के असालतगंज निवासी वैष्णवी तिवारी उर्फ निक्की से शादी हुई थी।
निक्की ने पास की थी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा
वैष्णवी को शादी से पहले रीढ़ की हड्डी में गांठ थी, जिसका इलाज चल रहा था। वैष्णवी को पूरी तरह से फायदा नहीं हो रहा था। बताया कि वैष्णवी ने हाल ही में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा पास की थी। कुछ दिनों बाद उनका मेडिकल होना था, लेकिन पीठ में असहनीय दर्द के कारण वह मानसिक तनाव में थीं।
बीमारी के चलते नहीं दिया था बच्चें को जन्म
पति ने बताया कि वह पत्नी को सरप्राइज देने के लिए बुधवार सुबह पांच बजे भोपाल से घर पहुंचे, जहां कमरे में पत्नी बेहोश पड़ी थी। अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया। रुंधे गले से पति ने बताया कि बीमारी के चलते उन लोगों ने बच्चे नहीं किए।
सुसाइड नोट में लिखा-हर सांस के साथ होती है तकलीफ
वैष्णवी ने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरी बीमारी ऐसी है कि हम खुशी से नहीं रह पाएंगे। अब 24 घंटे दर्द रहता है। हर सांस के साथ तकलीफ होती है। एक दिन ऐसा आएगा कि मैं बिस्तर पकड़ लूंगी। मुझे उठाने-बिठाने और खिलाने के लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी।
पति से मांगी माफी
मैं किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती। लिखा कि पतिदेव मुझे माफ कर देना। मुझे मुक्ति मिल गई। वहीं माता-पिता से लिखा कि उनके जाने के बाद टूटना नहीं बल्कि सोचना कि उन्हें असहनीय दर्द से छुटकारा मिल गया। लिखा कि मेरे लिए कोई रोएगा नहीं। आप सबकी लाडली, दुलारी और प्यारी निक्की।
मामले जांच कर रही पुलिस
रावतपुर इंस्पेक्टर कमलेश राय ने बताया कि विवाहिता ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर अपनी जान दे दी है। वह रीढ़ में गांठ की बीमारी के दर्द से परेशान थीं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है।
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