अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज: प्रशासन के रडार पर आरोपियों की संपत्तियां, ट्रस्ट के भीतर आरोपों का दौर शुरू

अयोध्या|1 घंटा पहले
प्रशासन के रडार पर आरोपियों की संपत्तियां, ट्रस्ट के भीतर आरोपों का दौर शुरू

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। एक ओर ट्रस्ट के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, तो दूसरी ओर प्रशासन आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। मामले में ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ का सिलसिला भी जारी है।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पहली बार सार्वजनिक रूप से पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूरे विवाद के लिए गोपाल राव जिम्मेदार हैं। वे अनावश्यक रूप से लोगों को उलझाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोपाल राव राजनीति कर रहे हैं और राम की परंपरा का पालन नहीं करते। उल्लेखनीय है कि गोपाल राव राम मंदिर निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य रहे हैं तथा मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत

इस बीच अयोध्या बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि शिकायत में चार नाम शामिल हैं और पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया है।

अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के अनुसार सरकार चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ऐसे मकानों की पहचान की है। इनका नक्शा स्वीकृत नहीं है या निर्माण नियमों का उल्लंघन किया गया है। बताया जा रहा है कि मंदिर में नौकरी के दौरान बनाए गए आरोपी लवकुश मिश्रा के शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान पर कार्रवाई हो सकती है। एडीए की ओर से इन्हें नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।

पूछताछ और जांच का दायरा बढ़ा

जांच एजेंसियां मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। 30 जून को पुलिस ने अयोध्या जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ की थी। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पहले ही तीन घंटे तक पूछताछ हो चुकी है। अब उनके बयानों के सत्यापन के लिए ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच का केंद्र आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में उनकी भूमिका पर भी है। गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार सात जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को राज्य सरकार ने एसआईटी गठित की, 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी दिन चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।