चढ़ावा चोरी जांच का दूसरा चरण शुरू: अब ट्रस्टी-बैंक कर्मियों से होगी पूछताछ, सुरक्षा स्टाफ भी रडार पर

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब नए चरण में प्रवेश कर गई है। आठों आरोपितों से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ पूरी होने के बाद अब जांच का फोकस ट्रस्ट के सदस्यों, बैंक कर्मियों और गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों पर है। पुलिस आरोपितों से मिली जानकारियों के आधार पर संबंधित लोगों से जल्द पूछताछ करेगी।
सूत्रों के अनुसार पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर अब उन लोगों से पूछताछ की जाएगी, जिनकी भूमिका गणना कक्ष की निगरानी और चढ़ावे की प्रक्रिया से जुड़ी थी। पुलिस ट्रस्ट के सदस्यों, बैंक कर्मियों और सुरक्षा कर्मचारियों के बयान लिखित रूप से दर्ज करेगी। हालांकि एसआईटी पहले इनके बयान ले चुका है, लेकिन अब विवेचना के तहत पुलिस अलग से पूछताछ करेगी।
25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पांच जून को सामने आया था। इसके बाद शासन ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। जांच में आठ लोगों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 25 जून को रामजन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, ट्रस्ट कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और टिन्नू के भतीजे मनीष यादव को नामजद किया गया। पुलिस सभी आरोपितों को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है।
चरणबद्ध तरीके से मिली पुलिस कस्टडी
जांच के दौरान सबसे पहले दो जुलाई को अविनाश शुक्ल का पुलिस कस्टडी रिमांड मिला। इसके बाद सात जुलाई को अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय से पूछताछ की गई। 14 जुलाई को सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्र को रिमांड पर लिया गया। वहीं 17 जुलाई को इस मामले के प्रमुख संदिग्ध माने जा रहे रामशंकर यादव टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से करीब 39 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक दोनों ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी हैं।
नकदी और दस्तावेजों की पड़ताल तेज
रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से नकदी, आभूषण, वाहन तथा संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। अब इन सभी अभिलेखों की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस को गणना कक्ष का सीसीटीवी फुटेज भी मिल चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपितों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में आरोपितों से पूछताछ पूरी होने के बाद अब जांच का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इसमें ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदार लोगों, बैंक कर्मियों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
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