सहजनवा के सिपाही ने जौनपुर में किया सुसाइड: बहन की शादी से पहले उजड़ा परिवार, घर में पसरा मातम

गोरखपुर|21 सितंबर 2026
बहन की शादी से पहले उजड़ा परिवार, घर में पसरा मातम

सहजनवा के महुआपार गांव निवासी उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही अभिषेक सिंह ने जौनपुर में आत्महत्या कर ली। रविवार रात उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। अभिषेक परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों में अहम भूमिका निभाते थे। परिजनों के लिए उनकी मौत किसी सदमे से कम नहीं है। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद देर शाम परिवार के लोग शव लेकर गांव पहुंचेंगे।

अभिषेक अपने पिता धर्मेंद्र सिंह के तीन बच्चों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी बड़ी बहन अंकिता सिंह की शादी 2027 में तय हुई थी। परिवार में शादी को लेकर बातचीत और तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। बताया गया कि अभिषेक बहन की शादी को लेकर काफी उत्साहित थे और एक जिम्मेदार भाई के तौर पर तैयारियों में सहयोग कर रहे थे। परिवार के लिए शादी का यह समय खुशियों से भरा होना था, लेकिन अभिषेक की मौत ने माहौल को गम में बदल दिया।

छोटा भाई कर रहा पढ़ाई

अभिषेक के पिता धर्मेंद्र सिंह खेती करते हैं। इसके साथ ही वह एक कार भी चलाते हैं, जिसे बुकिंग पर देकर परिवार का खर्च चलाते हैं। अभिषेक पुलिस की नौकरी से घर की आर्थिक जरूरतों में मदद करते थे। उनका छोटा भाई शिवांग सिंह अभी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है। परिवार में अभिषेक की भूमिका सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं थी। वह घर की कई जिम्मेदारियों में पिता का हाथ बंटाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ गया है।

अचानक उठाए कदम ने छोड़े कई सवाल

परिजनों के अनुसार, अभिषेक नौकरी के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास कर रहे थे। वह करियर और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर रहते थे। परिवार को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह किसी परेशानी या तनाव से गुजर रहे हैं। ऐसे में उनकी मौत के पीछे की वजह परिजनों के लिए भी अनसुलझी बनी हुई है।

पुलिस जांच से सामने आएगी घटना की वजह

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अभिषेक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिवार और ग्रामीण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

नव्य जागरण

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