ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था को सराहा: अमेरिकी वोटिंग में फोटो आईडी पर दिया जोर, मतदान प्रक्रिया सख्त बनाने की पैरवी की

14 घंटे पहले
अमेरिकी वोटिंग में फोटो आईडी पर दिया जोर, मतदान प्रक्रिया सख्त बनाने की पैरवी की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में मतदान प्रक्रिया को और सख्त बनाने की पैरवी की है। मंगलवार को ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर पोस्ट कर ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पारित करने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत में हर मतदाता के पास फोटो पहचान पत्र होता है, तो अमेरिका में वैध फोटो आईडी के बिना मतदान की व्यवस्था क्यों है?

ट्रम्प के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से अमेरिका में वैध फोटो आईडी के बिना चुनाव होने को लेकर सवाल किया था। इसके बाद ट्रम्प ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को मंजूरी देने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि चुनावी नियमों को सख्त करने से मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी। ‘सेव अमेरिका एक्ट’ के प्रस्ताव में मतदाता पंजीकरण के दौरान नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण और मतदान के समय फोटो आईडी अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसमें डाक से मतदान की प्रक्रिया को भी सीमित करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है, लेकिन सीनेट की मंजूरी अभी बाकी है। इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

समर्थक बोले- चुनावी विश्वसनीयता बढ़ेगी

अमेरिका में मतदाता पहचान पत्र को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस चल रही है। विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि फोटो आईडी और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य होने से चुनावी प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होगी। ट्रंप भी लगातार इस विधेयक के समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं और उनका दावा है कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

गैर-नागरिकों के मतदान पर पहले से रोक

वहीं, विरोधियों का कहना है कि अमेरिका में गैर-नागरिकों के मतदान पर पहले से रोक है। उनका तर्क है कि अतिरिक्त दस्तावेजों की अनिवार्यता से उन नागरिकों को परेशानी हो सकती है, जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र या वैध पासपोर्ट जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुसार, अमेरिका में करीब 12 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं के पास आम तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजी प्रमाण नहीं हैं।

ब्रिटेन और कनाडा में अलग-अलग नियम

दुनिया के अलग-अलग देशों में मतदान के दौरान पहचान संबंधी नियम एक जैसे नहीं हैं। ब्रिटेन में कुछ चुनावों के दौरान मतदान केंद्र पर फोटो आईडी दिखाना जरूरी है, जबकि स्कॉटलैंड और वेल्स के कुछ स्थानीय चुनावों में इसकी आवश्यकता नहीं होती। कनाडा में मतदाता को अपनी पहचान और पता साबित करना होता है, लेकिन केवल फोटो आईडी ही अनिवार्य नहीं है। वहां मतदाता एक फोटो पहचान पत्र या दो अन्य मान्य दस्तावेजों के जरिए अपनी पहचान साबित कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में आईडी नहीं होने पर दूसरा मतदाता भी उसकी पहचान की पुष्टि कर सकता है।

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