जिम्बाब्वे की झील में नाव पलटी: 15 की मौत की आशंका, लहर से टकराकर बंद हुआ इंजन
जिम्बाब्वे की करिबा झील में 95 लोगों को लेकर जा रही एक नाव तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। हादसे में करीब 15 लोगों के मारे जाने आशंका जताई गई है। वहीं, 20 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, नाव में 90 यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। राहत-बचाव अभियान में करीब 60 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
पुलिस और जानकारी के मुताबिक, नाव उत्तरी शहर करिबा को झील के विभिन्न द्वीपों और मछली पकड़ने वाले शिविरों से जोड़ने के लिए परिवहन सेवा दे रही थी। खराब मौसम के बीच नाव सुबह रवाना हुई थी। युवक के अनुसार, संभवतः एक तेज लहर नाव से टकराई, जिसके बाद उसका इंजन बंद हो गया और नाव पलट गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद नावों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
हेलीकॉप्टर और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू
बचाव अभियान में मतुसाडो नेशनल पार्क ने हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया। स्थानीय क्षेत्र और सेना की बड़ी नावों के साथ गोताखोरों को भी अभियान में लगाया गया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अब तक करीब 60 लोगों को बचाया जा चुका है। हादसे में जान गंवाने वालों के शव पहचान के लिए करिबा ले जाए जाएंगे। करिबा झील जाम्बिया की सीमा के पास स्थित है और राजधानी हरारे से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर-पूर्व में है। आयतन के हिसाब से यह दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है।











