इमरान खान को 48 घंटे में अस्पताल भेजने का आदेश: बहनों से मुलाकात पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुलाकातों और कॉल्स की मांगी जानकारी

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर मंगलवार को अहम निर्देश दिए। अदालत ने उन्हें 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने को कहा है। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत आकलन कराने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने इमरान की बहनों से मुलाकात के मुद्दे पर भी जेल प्रशासन से जवाब मांगा और कहा कि परिवार से मिलने का अधिकार किसी पर एहसान नहीं है।
इमरान की बहनों से मुलाकात को लेकर सुनवाई के दौरान जस्टिस शाहिद वहीद ने सवाल उठाए। अदालत ने पिछले तीन वर्षों में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई सभी मुलाकातों का रिकॉर्ड मांगा है। इसके अलावा उनके बेटों से हुई बातचीत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भी अदालत के समक्ष पेश करने को कहा गया है। इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अरेस्ट किया गया था।
विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट की तलब
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की। जस्टिस शाहिद वहीद ने इस बात पर नाराजगी जताई कि अदालत के सामने पूरी रिपोर्ट रखने के बजाय केवल उसकी संक्षिप्त जानकारी पेश की गई। इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से संबंधित याचिकाओं पर तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई कर रही है। पीठ में जस्टिस शाहिद वहीद के अलावा जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं।
रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव का जिक्र
अदालत के समक्ष पेश मेडिकल रिपोर्ट में इमरान की सेहत को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, दिल की धड़कन तेज होने और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आई हैं। हालिया जांच में उनका ब्लड प्रेशर 140/80 और नब्ज 54 बार प्रति मिनट दर्ज की गई। फरवरी में उनका ब्लड प्रेशर 120/80 था, जिसे सामान्य बताया गया था।
मेडिकल बोर्ड में होंगे बहन और निजी डॉक्टर
कोर्ट ने इमरान की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। इसमें उनकी बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल किया जाएगा। बोर्ड में अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर भी रहेंगे। टीम इमरान की मौजूदा स्थिति के साथ पुरानी मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि उन्हें किस तरह के इलाज की जरूरत है और उपचार जेल में संभव है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होगा। डॉक्टर ब्लड क्लॉट से जुड़ी समस्या और भविष्य में संभावित जोखिमों का भी आकलन करेंगे।
आंख की बीमारी का चल रहा इलाज
अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इमरान की दो पेज की मेडिकल रिपोर्ट पेश की थी। इसमें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नामक आंख की बीमारी का भी जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी का इलाज चल रहा है और प्रभावित आंख की दृष्टि लगभग सामान्य हो गई है। रिपोर्ट में चार नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच इमरान की 39 मेडिकल जांचों का भी विवरण दिया गया है।
स्वास्थ्य को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं
सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को इमरान की स्वास्थ्य स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की सलाह दी। जस्टिस नईम अख्तर अफगान ने कहा कि पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी सेहत को लेकर राजनीति न हो। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है कि अगले तीन महीने इमरान की स्वास्थ्य स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
राजनीतिक कारणों से दर्ज किए गए मामले
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें शुरुआत में तोशाखाना मामले में तीन साल की सजा के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामलों में कार्रवाई हुई। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिली। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई, लेकिन अन्य मामलों के कारण उनकी जेल से रिहाई नहीं हो सकी। इमरान और PTI का आरोप है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक कारणों से दर्ज किए गए। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करते हुए मामलों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती हैं।










