ग्वालियर LNIPE कॉलेज में छात्रों का आंदोलन तेज: कुलपति समेत अफसरों को 2 घंटे बनाया तक बंधक, भूख हड़ताल पर बैठे चार छात्र

जिले के लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में छात्र आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। गुवाहाटी परिसर में छात्रा की मौत के मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्य परिसर के प्रशासनिक भवन को बंद कर दिया। इस दौरान कुलपति प्रोफेसर कल्पना शर्मा समेत कुछ अन्य अधिकारी करीब दो घंटे तक भवन के अंदर रहे। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को बाहर निकाला। बुधवार सुबह आंदोलन कर रहे चार छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी। छात्र रजिस्ट्रार के इस्तीफे और मृतक छात्रा के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
एलएनआईपीई के गुवाहाटी परिसर में बीपीएड तृतीय वर्ष की 22 वर्षीय छात्रा श्रुति उपाध्याय की नौ सितंबर को बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई थी। छात्रों का आरोप है कि उसे समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद गुवाहाटी परिसर में मेडिकल सुविधाएं मजबूत करने समेत कई मांगों को लेकर ग्वालियर स्थित मुख्य परिसर में आंदोलन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी छात्र अमित चौधरी ने कहा कि 14 दिन से प्रदर्शन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म कर कक्षाओं में लौटने के लिए छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है।
24 सितंबर को दिल्ली से आएगी टीम
चौधरी ने बताया कि संस्थान की ओर से आश्वासन दिया गया है कि दिल्ली से एक टीम 24 सितंबर को ग्वालियर आएगी और छात्रों की समस्याएं सुनेगी। उन्होंने कहा कि छात्र 24 सितंबर तक इंतजार करेंगे। समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थान मेडिकल सुविधाएं बढ़ा रहा है, लेकिन रजिस्ट्रार के इस्तीफे और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
छात्रों से लगातार हो रही बातचीत
कुलपति कल्पना शर्मा ने कहा कि संस्थान शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्रशासनिक भवन बंद करना उचित नहीं था। उन्होंने बताया कि छात्रों की छह मांगों में से कुछ स्वीकार की गई हैं और बाकी के लिए समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों से लगातार बातचीत हो रही है और उन्हें कक्षाओं में लौटकर पढ़ाई करने को कहा जा रहा है। कुलपति के मुताबिक असम सरकार ने मृतका के परिवार को चार लाख रुपये और संस्थान ने पांच लाख रुपये मुआवजा दिया है।










