गोरखपुर में लेखपाल परीक्षा में सख्ती: महिला अभ्यर्थियों के मंगलसूत्र और चूड़ियां उतरवाईं, 39 केंद्रों पर एग्जाम

उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को गोरखपुर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। कई केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र, चूड़ियां और बालों के जुड़े तक खुलवाने पड़े। वहीं परीक्षार्थियों के जूते, रुमाल और अन्य सामान भी बारीकी से चेक किए गए। परीक्षा को लेकर सुबह से ही शहर के विभिन्न केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जबकि अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 8 बजे से शुरू हो गई थी। इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 17,832 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रशासन ने परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।
केंद्रों पर रही हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था
शहर के कई परीक्षा केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की विशेष जांच की गई। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले महिला परीक्षार्थियों को चूड़ियां, मंगलसूत्र और हेयर क्लिप तक हटाने के निर्देश दिए गए। कई अभ्यर्थियों को अपने जूते और रुमाल तक झाड़कर दिखाने पड़े। प्रशासन का कहना है कि यह कदम परीक्षा में किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक चीटिंग या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया।
एडीएम सिटी के बनाया गया नोडल अधिकारी
जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। हर परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई थी।
सीसीटीवी निगरानी में हुई परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूरी परीक्षा कराई गई। केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की घटना न हो सके। शिक्षा विभाग की ओर से कक्ष निरीक्षकों की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी केंद्रों पर पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि सख्त चेकिंग को लेकर कई अभ्यर्थियों में असहजता भी दिखाई दी, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थियों ने इसे निष्पक्ष परीक्षा के लिए जरूरी बताया। प्रशासन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पूरा कराया जाएगा।
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