सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में मुख्य शूटर अरेस्ट: मुजफ्फरनगर टोल प्लाजा पर CBI ने दबोचा, बलिया का रहने वाला है आरोपी

बलिया|19 मई 2026
मुजफ्फरनगर टोल प्लाजा पर CBI ने दबोचा, बलिया का रहने वाला है आरोपी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राजकुमार सिंह को मुजफ्फरनगर से अरेस्ट किया है। राजकुमार को इस सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य शूटर माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह परिवार के साथ हरिद्वार से लौट रहा था। CBI ने छपार टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इससे पहले इसी मामले में 10 मई को बलिया के ही राज सिंह को अयोध्या से अरेस्ट किया गया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज दो दिन बाद छह मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपी गई थी।

हरिद्वार से लौटते वक्त जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

CBI को पहले से ही राजकुमार सिंह की गतिविधियों की जानकारी मिल चुकी थी। जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि आरोपी हरिद्वार से वापस लौट रहा है। इसके बाद टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा के पास निगरानी बढ़ा दी। जैसे ही संदिग्ध वाहन टोल पर पहुंचा, CBI अधिकारियों ने उसे रोक लिया और राजकुमार को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने आरोपी से लंबी पूछताछ की। सीबीआई के सीओ राजेश कुमार ने उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से CBI को 24 घंटे की रिमांड मिल गई। अब एजेंसी उससे हत्या की पूरी साजिश, सुपारी नेटवर्क और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

विदेश जाने की तैयारी में था

राजकुमार सिंह बलिया जिले का निवासी है। उसके पिता त्रिभुवन नारायण सिंह अयोध्या में एलएंडटी कंपनी में कार्यरत थे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार के मुताबिक, राजकुमार ने बीए फर्स्ट ईयर तक पढ़ाई की थी। बाद में पढ़ाई छोड़कर मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करने लगा। करीब आठ महीने पहले वह वापस गांव लौट आया था और विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। उसने पासपोर्ट भी बनवा लिया था। परिजनों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है और उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया और CBI के जरिए ही मिली। पिता का कहना है कि छह और सात मई को राजकुमार कहां था, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है।

हत्या में कई लोगों के शामिल होने की आशंका

जांच एजेंसियों का मानना है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी। इसमें कम से कम आठ लोग शामिल थे। हमलावरों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं। वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक मिटा दिए गए थे। जांच में डिजिटल ट्रांजैक्शन भी अहम सुराग बना। बाली टोल प्लाजा पर UPI से किए गए भुगतान के जरिए पुलिस एक आरोपी तक पहुंची और फिर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती चली गईं। शुरुआती जांच में बंगाल पुलिस ने भी आशंका जताई थी कि हत्या में प्रोफेशनल शूटर और सुपारी किलर्स शामिल हो सकते हैं। अब CBI की नजर इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड और पूरे गैंग के नेटवर्क पर है। एजेंसी आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां कर सकती है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

वेबसाइट पर ही पढ़ें

फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।