अब व्हाट्सएप पर मिलेगी PF की जानकारी: EPFO शुरू करेगा नई डिजिटल सेवा, एआई चैटबॉट का किया जाएगा इस्तेमाल

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अब अपने करोड़ों सदस्यों को व्हाट्सएप के जरिए पीएफ खातों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी में है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह कदम संगठन की सबसे बड़ी पहल माना जा रहा है। नई सेवा लागू होने के बाद कर्मचारी घर बैठे ही व्हाट्सएप के माध्यम से पीएफ बैलेंस, पिछले लेन-देन, दावा स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां तत्काल प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस योजना की पुष्टि करते हुए कहा कि व्हाट्सएप आज देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला संचार माध्यम बन चुका है, इसलिए ईपीएफओ इसे रियल टाइम इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग करेगा।
नई व्यवस्था के तहत ईपीएफओ एक आधिकारिक पंजीकृत मोबाइल नंबर जारी करेगा। सदस्य अपने यूएएन से जुड़े मोबाइल नंबर से उस नंबर पर संदेश भेजकर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके माध्यम से पीएफ बैलेंस देखना, अंतिम पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी लेना, क्लेम की स्थिति जांचना और अन्य सेवाएं बेहद आसान हो जाएंगी। विभाग के अनुसार इस सेवा में एआई आधारित चैटबॉट तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जो ईपीएफओ डेटाबेस से जानकारी लेकर सदस्यों को त्वरित जवाब उपलब्ध कराएगा।
शिकायतों में कमी लाने की तैयारी
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 के पहले 11 महीनों में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को सबसे अधिक सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश मामले ईपीएफओ से जुड़े थे। पीएफ निकासी, पेंशन और वेतन संबंधी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग लगातार शिकायत दर्ज करा रहे थे। इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए ईपीएफओ ने व्हाट्सएप सेवा शुरू करने का फैसला लिया है, ताकि सदस्यों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
स्थानीय भाषा में भी मिलेगी सुविधा
ईपीएफओ की इस नई पहल की खास बात यह है कि सदस्यों को उनकी स्थानीय भाषा में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के कर्मचारियों को सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। विभाग विशेष रूप से उन खातों पर ध्यान देगा जिनमें आधार प्रमाणीकरण अधूरा है या डीबीटी लिंक्ड बैंक खाते निष्क्रिय हैं। ऐसे मामलों में व्हाट्सएप के माध्यम से सदस्यों को जरूरी अलर्ट और निर्देश भेजे जाएंगे।
मुकदमों में आई बड़ी कमी
ईपीएफओ की ‘निधि आपके निकट’ योजना का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। श्रम मंत्रालय के अनुसार उपभोक्ता न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या अप्रैल 2024 के 4,936 से घटकर मार्च 2026 तक 2,646 रह गई है। वहीं कुल मुकदमों की संख्या भी अप्रैल 2025 के 31,036 से घटकर अप्रैल 2026 में 27,639 हो गई है, जो अब तक का सबसे कम स्तर माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि डिजिटल सेवाओं और त्वरित समाधान व्यवस्था के कारण संगठन के प्रति लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
वेबसाइट पर ही पढ़ें








