मणिपुर में पांचवें दिन भी बंद रहा नेशनल हाईवे: चर्च नेताओं की हत्या के विरोध में आंदोलन तेज, जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित

मणिपुर में लगातार बढ़ते जातीय तनाव और हिंसा के बीच राज्य की जीवनरेखा माने जाने वाले नेशनल हाईवे-2 पर पांचवें दिन भी यातायात पूरी तरह ठप रहा। कुकी समुदाय के 14 लोगों की कथित अगवा किए जाने की घटना और चर्च नेताओं की हत्या के विरोध में जारी बंद ने पूरे राज्य की जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आंदोलनकारी संगठनों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार अब तक बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में विफल रही हैं। इसी के विरोध में कुकी इन्पी संगठन ने सोमवार को बंद की अवधि को 48 घंटे और बढ़ाने का ऐलान कर दिया। हाईवे बंद होने के कारण सेनापति जिले के खोंग्नेम से टी. खुल्लेन तक एक हजार से अधिक ट्रक, बसें और अन्य वाहन फंसे हुए हैं, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
हाईवे पर फंसे वाहन चालकों, खलासियों और यात्रियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई लोग पिछले पांच दिनों से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इलाके में मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर होने के कारण वे अपने परिवारों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे हैं। खाने-पीने का सामान लगभग खत्म हो चुका है और स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुएं ऊंचे दामों पर बिक रही हैं। प्रशासन की ओर से अब तक व्यापक राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है, जिसके कारण कई लोग भूखे-प्यासे रहने को मजबूर हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो राज्य में खाद्य और ईंधन संकट और गहरा सकता है।
ईंधन संकट से बढ़ी परेशानी
नेशनल हाईवे बंद होने का सबसे ज्यादा असर पेट्रोल और एलपीजी आपूर्ति पर पड़ा है। सैकड़ों तेल टैंकर और गैस वाहनों के रास्ते में फंस जाने के कारण राज्य के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है। मालोम तेल डिपो में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद टैंकरों की कमी और कम लोडिंग शुल्क को लेकर ट्रांसपोर्टरों के विरोध के कारण खुदरा पंपों तक सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है।
चर्च संगठनों ने शुरू की शांति पहल
मणिपुर में बढ़ते तनाव को देखते हुए चर्च संगठनों ने भी शांति बहाली की दिशा में पहल शुरू की है। काउंसिल फॉर बैपटिस्ट चर्चेस इन नॉर्थ ईस्ट इंडिया और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से मुलाकात कर नागा और कुकी समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने की योजना साझा की। चर्च की दो टीमें जल्द ही कांगपोकपी और सेनापति जिलों का दौरा कर दोनों समुदायों के बीच शांति कायम करने का प्रयास करेंगी। यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब अपहरण और हिंसा की घटनाओं के बाद दोनों समुदायों के बीच अविश्वास और तनाव काफी बढ़ गया है।
बंधकों की तलाश में जारी सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले में बंधक बनाए गए लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार 13 मई को हुई हिंसक घटनाओं के बाद कई लोगों को हथियारबंद समूह अपने साथ ले गए थे। हालांकि कुछ लोगों को रिहा कर दिया गया है, लेकिन अभी भी कई नागरिकों के बंधक बने होने की आशंका है। राज्य में लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
वेबसाइट पर ही पढ़ें








