भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता आज: अंतरिम समझौते पर लग सकती है मुहर, 47 लाख करोड़ रुपये की डील पर नजर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय वार्ता आज राजधानी दिल्ली में शुरू होगी। चार दिनों तक चलने वाली इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारी उस अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट) को अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे। जिसके प्रारूप पर इसी वर्ष फरवरी में सहमति बनी थी। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों और हालिया अमेरिकी नीतिगत फैसलों के बीच यह वार्ता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों के लिए निर्णायक मानी जा रही है। यदि बातचीत सफल रहती है तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का रास्ता भी काफी हद तक साफ हो सकता है।
चार दिवसीय वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य व्यापार वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं। वहीं भारतीय पक्ष की कमान वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं प्रमुख वार्ताकार दर्पन जैन के हाथों में है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, बैठक का प्राथमिक उद्देश्य फरवरी में तैयार किए गए अंतरिम समझौते को कानूनी और प्रशासनिक रूप से अंतिम स्वरूप प्रदान करना है। इसके अलावा बाजार पहुंच (मार्केट एक्सेस), गैर-टैरिफ बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, व्यापार सुगमता, निवेश प्रोत्साहन तथा आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा होगी। दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए भी सहमति बनाने की दिशा में प्रयास करेंगे।
ट्रंप प्रशासन के फैसलों से बदला समीकरण
भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारंभिक ढांचे को अंतिम रूप दिया था। उस समय अमेरिका भारत पर लागू कुछ शुल्कों में राहत देने पर सहमत हुआ था। हालांकि बाद में अमेरिकी नीतियों में हुए बदलावों ने पूरे समीकरण को प्रभावित कर दिया। फरवरी के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले और उसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत समान टैरिफ लागू करने की घोषणा के बाद दोनों देशों को प्रस्तावित समझौते की शर्तों का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ा। इसी कारण फरवरी में प्रस्तावित आगे की वार्ता स्थगित कर दी गई थी। अप्रैल में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वाशिंगटन जाकर प्रारंभिक चर्चा की थी। अब अमेरिकी टीम भारत पहुंची है। जिससे बदले हुए आर्थिक परिदृश्य में समझौते को नई परिस्थितियों के अनुरूप अंतिम रूप दिया जा सके।
कृषि उत्पादों पर ड्यूटी कम करने पर जोर
प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने या समाप्त करने की इच्छा जताई है। इनमें पशु आहार से जुड़े उत्पाद, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन तथा स्पिरिट्स जैसे उत्पाद प्रमुख हैं। इसके बदले भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 बिलियन डॉलर यानी करीब 47 लाख करोड़ रुपये मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान एवं विमान कलपुर्जे, कीमती धातुएं, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने की रुचि दिखाई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को भी सशक्त बना सकता है।
क्या होता है अंतरिम व्यापार समझौता?
अंतरिम व्यापार समझौता दो देशों के बीच होने वाला एक अस्थायी और सीमित दायरे का व्यापारिक करार होता है। आमतौर पर पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने में लंबा समय लगता है। ऐसे में दोनों देश तत्काल आर्थिक लाभ और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहले एक अंतरिम व्यवस्था लागू करते हैं। यही व्यवस्था बाद में व्यापक और दीर्घकालिक व्यापार समझौते की नींव बनती है। भारत और अमेरिका के बीच चल रही यह वार्ता भी भविष्य में एक बड़े और व्यापक आर्थिक समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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