सास की चिता सजाते समय दामाद को मगरमच्छ ने खींचा: 24 घंटे बाद सरयू नदी में मिली बॉडी, पत्नी हुई बेसुध

गोंडा|12 घंटे पहले
24 घंटे बाद सरयू नदी में मिली बॉडी, पत्नी हुई बेसुध

सरयू नदी किनारे सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। सास के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे दामाद को मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। करीब 24 घंटे बाद युवक की बॉडी घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर नदी में उतराती मिली। बॉडी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी बार-बार बेसुध हो रही थी। दादा ससुर की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। उन्होंने कहा कि दामाद ही परिवार का सहारा थे, अब वह भी इस दुनिया में नहीं रहे।

नोएडा के परी चौक सिग्मा-2 निवासी दीपक वर्मा (30) अपनी पत्नी रेखा शर्मा और चार साल की बेटी निक्की के साथ गोंडा आए थे। पांच साल पहले दीपक और रेखा ने लव मैरिज की थी। दीपक एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। रेखा की मां उर्मिला की कैंसर से मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए पूरा परिवार बुधवार को सरयू नदी किनारे पहुंचा था। सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही घाट पर चिता सजाने की तैयारी चल रही थी। दोपहर करीब 12 बजे दीपक नदी किनारे खूंटा गाड़ रहे थे। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि नदी में मगरमच्छ दिखाई देता है। इसके बावजूद दीपक काम में लगे रहे।

हाथ धोते समय हुआ हमला

स्थानीय लोगों के मुताबिक खूंटा गाड़ने के बाद दीपक हाथ धोने के लिए नदी किनारे पहुंचे। तभी अचानक नदी से मगरमच्छ बाहर निकला और उसने दीपक के सिर को जबड़े में दबोच लिया। वहां मौजूद लोग चीखते हुए उनकी तरफ दौड़े, लेकिन कुछ सेकेंड में मगरमच्छ उन्हें पानी में खींच ले गया। जानकारी के अनुसार, एक युवक ने मगरमच्छ से दीपक को छुड़ाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह खुद पानी में गिर गया। लोगों ने नाव से मगरमच्छ को टक्कर मारने की कोशिश की। कुछ देर के लिए उसने दीपक को छोड़ा भी, लेकिन फिर दोबारा पकड़कर गहरे पानी में चला गया।

तलाश के बीच हुआ सास का अंतिम संस्कार

दीपक के नदी में बह जाने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। परिवार के लोग घंटों घाट पर इंतजार करते रहे। जब देर शाम तक दीपक का कोई पता नहीं चला तो उनके साले राज ने अपनी मां का अंतिम संस्कार किया। रात होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। गुरुवार सुबह फिर से खोज अभियान शुरू हुआ। परिवार के लोग सुबह से ही घाट पर बैठे दीपक की तलाश का इंतजार करते रहे।

आठ किलोमीटर दूर मिली बॉडी

गुरुवार दोपहर करीब 12:20 बजे घटनास्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर ऐली माझा गांव के पास नदी में एक बॉडी उतराती दिखाई दी। वहां अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों ने बॉडी को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। बाद में पहचान दीपक वर्मा के रूप में हुई।पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बॉडी को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बॉडी पर मगरमच्छ के हमले के कई निशान मिले। सिर के पास दांत के निशान थे। दाहिने हाथ और कंधे पर गहरे जख्म दिखाई दिए। अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ ने शरीर को खाने की कोशिश की थी, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं हो सका।

प्रशासन बोला- मदद दी जाएगी

लखनऊ से भी एसडीआरएफ टीम बुलाई गई थी। गोंडा पुलिस और प्रशासन लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा रहा। एसपी विनीत जायसवाल और डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन के नियमों के अनुसार परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हादसे के बाद पूरे इलाके में डर और शोक का माहौल बना हुआ है।

नव्य जागरण

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