ऊर्जा संकट पर योगी सरकार सख्त: विदेश यात्राओं पर रोक, साइकिल ट्रैक और बिजली बचत पर बड़ा एक्शन

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सरकारी अधिकारियों की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर अगले सात महीनों तक रोक लगा दी है। साथ ही ऊर्जा बचत और ईंधन खपत कम करने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। नगर विकास विभाग ने सभी जिलों और नगर निकायों को आदेश भेजकर तुरंत पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार का फोकस अब “कम खर्च, ज्यादा बचत” मॉडल पर है।
विशेष सचिव प्रवीण कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नगर विकास विभाग की अधिकतर बैठकें अब ऑनलाइन मोड में होंगी। जिलों के बीच होने वाले प्रशिक्षण, सेमिनार और समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई जाएंगी। सरकारी दफ्तरों में एसी, लाइट और लिफ्ट का सीमित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने को कहा गया है। शाम सात बजे के बाद अनावश्यक बिजली उपयोग बंद करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने 10 साल से पुराने सरकारी वाहनों, जनरेटर और अधिक बिजली खर्च करने वाले उपकरणों की जांच कराने का भी फैसला लिया है। विभागों को बिजली खपत की मॉनिटरिंग करने और अनावश्यक खर्च रोकने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइटों को जरूरत के अनुसार ही चालू रखने और सोलर व एलईडी आधारित स्मार्ट लाइट सिस्टम बढ़ाने को कहा गया है।
साइकिल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार ने शहरों में पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में अलग साइकिल ट्रैक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। “साइकिल टू ऑफिस वीक” आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि कर्मचारी निजी वाहनों की बजाय साइकिल का इस्तेमाल करें। कार पूलिंग, बस सेवा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग छोटी दूरी के लिए निजी वाहन छोड़ें। इसके लिए पार्क-एंड-राइड सिस्टम, सुरक्षित फुटपाथ और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने की योजना बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भारत तक पहुंचा युद्ध का असर
नगर विकास विभाग ने अपने आदेश में साफ कहा है कि ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ऊर्जा सप्लाई पर दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर देश पर पड़ सकता है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। पीएम ने भी लोगों से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने अनावश्यक विदेश यात्राएं कम करने, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी खर्च रोकने की सलाह दी थी।
काफिले घटेंगे, वर्चुअल सिस्टम बढ़ेगा
इससे पहले योगी सरकार मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के काफिले में 50 प्रतिशत तक कटौती का फैसला ले चुकी है। सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करने की सलाह भी दी गई है। राज्य सचिवालय की आधी बैठकों को वर्चुअल मोड में करने का निर्णय लिया गया है। सरकार निजी कंपनियों को भी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की एडवाइजरी जारी करने की तैयारी में है।
कचरे से बनेगी गैस
सरकार अब कचरे और सीवेज से कम्प्रेस्ड बायो गैस बनाने की दिशा में भी काम तेज करेगी। नगर निकायों को अगले 30 दिनों में नए CBG प्लांट का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। SATAT योजना के तहत गैस खरीद और सप्लाई नेटवर्क मजबूत करने पर भी काम होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन पर निर्भरता कम होगी और शहरों की सफाई व्यवस्था भी बेहतर बनेगी।
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