बकरीद से पहले सीएम का सख्त संदेश: सड़कों पर नहीं होने देंगे नमाज, तय स्थानों पर ही अदा करें नमाज

बकरीद से पहले सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन तय स्थानों पर ही होने चाहिए। किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी या यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार नमाज के खिलाफ नहीं है, लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी स्थान पर लोगों की संख्या अधिक है तो वे शिफ्ट के हिसाब से नमाज अदा कर सकते हैं। सड़क पर भीड़ लगाकर ट्रैफिक बाधित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “नमाज पढ़नी है तो निर्धारित जगह पर पढ़िए। सड़कें आम नागरिकों के आवागमन के लिए हैं, न कि धार्मिक गतिविधियों या भीड़ जुटाने के लिए।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन पहले लोगों को समझाने का प्रयास करेगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
“सामर्थ्य नहीं तो संख्या नियंत्रित करें”
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में जनसंख्या और व्यवस्थाओं को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह तर्क देते हैं कि नमाजियों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर नमाज पढ़नी पड़ती है। इस पर उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तो संख्या को भी नियंत्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को कानून और व्यवस्था के दायरे में रहकर काम करना होगा तथा किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने बरेली में हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी कुछ लोगों ने शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की थी, लेकिन कानून ने अपना काम किया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की अराजकता या सड़क जाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष बरेली में एक धार्मिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
विकास, सुरक्षा और निवेश पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के विकास मॉडल और कानून व्यवस्था की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध और अव्यवस्था से होती थी, लेकिन अब राज्य रक्षा उत्पादन और औद्योगिक निवेश का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब ब्रह्मोस मिसाइल जैसी अत्याधुनिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं, जबकि अब वे नाइट शिफ्ट में भी सुरक्षित तरीके से काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है और लगातार राजस्व अधिशेष वाला राज्य बनकर उभरा है। सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों के संतुलित विकास पर काम कर रही है।
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